शिक्षक नियुक्ति विवाद में बड़ा मोड़, कमीशन ने तय की दावे की अंतिम डेडलाइन

स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर रहे वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने शनिवार को कई अभ्यर्थियों के दावों पर ऑनलाइन सुनवाई की। सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता वाले आयोग के समक्ष कुछ प्रार्थियों ने अपनी पात्रता और चयन से जुड़े तथ्यों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने सभी संबंधित प्रार्थियों को अपना दावा दर्ज कराने के लिए दो सप्ताह की अंतिम समय-सीमा दी है। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद किसी नए दावे या क्लेम पर विचार नहीं किया जाएगा।
आयोग के समक्ष दावा प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को यह बताना होगा कि वे संबंधित पद पर नियुक्ति के लिए किन आधारों पर पात्र हैं। इसके साथ ही उन्हें अपनी श्रेणी में चयनित ऐसे अभ्यर्थियों का विवरण भी देना होगा, जिनके अंक उनके मुकाबले कम हैं। प्रार्थियों को अपने प्राप्त अंकों की जानकारी भी आयोग के समक्ष उपलब्ध करानी होगी। इन तथ्यों के आधार पर आयोग नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दावों की पड़ताल करेगा।
शनिवार की ऑनलाइन सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, राजेश कुमार, अमृतांश वत्स, शुभम मिश्रा समेत अन्य अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। मामले की अगली सुनवाई 12 सितंबर को निर्धारित की गई है।
जांच रिपोर्ट के लिए आयोग को मिला तीन महीने का अतिरिक्त समय
शिक्षक नियुक्ति से जुड़े इस विवाद की जांच के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का गठन किया गया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने मीना कुमारी एवं अन्य से संबंधित 257 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए आयोग को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को सौंपी गई है।
निर्धारित अवधि में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने की समय-सीमा समाप्त हो गई थी। इसके बाद न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने आयोग को काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त तीन महीने का समय प्रदान किया। अब आयोग अभ्यर्थियों के दावों और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की जांच को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।











