शिव शिष्यों का हरित संकल्प, दीदी नीलम आनंद के 74वें जन्मोत्सव पर रिकॉर्ड पौधरोपण

शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन, शिव शिष्य परिवार और वैश्विक शिव शिष्य परिवार के संयुक्त तत्वावधान में दीदी नीलम आनंद का 74वां जन्मोत्सव देशभर में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों से हजारों शिव शिष्य एवं शिष्याओं ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों का प्रमुख आकर्षण व्यापक वृक्षारोपण अभियान रहा। शिव शिष्य परिवार पिछले कई वर्षों से दीदी नीलम आनंद के जन्मदिवस को "वृक्षारोपण पखवाड़ा" के रूप में मनाता आ रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया।
फाउंडेशन के मुख्य सलाहकार अर्चित आनंद ने कहा कि वर्ष 2030 तक वैश्विक आबादी 8.3 अरब से अधिक होने का अनुमान है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों, ऊर्जा और स्वच्छ जल की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव और पर्यावरणीय चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में बढ़ती गर्मी और लू से होने वाली मौतें इस बात का संकेत हैं कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें संरक्षित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि वृक्षारोपण को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए और इस दिशा में योगदान देने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ें।
अर्चित आनंद ने बताया कि शिव शिष्य परिवार अब तक भारत और विदेशों में मिलकर एक करोड़ से अधिक पौधे लगा चुका है और उनके संरक्षण का कार्य भी लगातार जारी है। इस वर्ष दीदी नीलम आनंद के 74वें जन्मदिवस पर पूरे देश में एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन शिव शिष्यों के उत्साह के कारण यह अभियान लक्ष्य से कहीं आगे निकल गया और लगभग पांच लाख पौधों का रोपण किया गया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने सभी से "आओ चलें प्रकृति की ओर" का संदेश अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बरखा आनंद, अभिनव, निहारिका, गौरी, रत्नम, हिना, गौतम, रणधीर, राजेश सहित बड़ी संख्या में शिव शिष्य और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











