अमित शाह से मिलकर भरत तिवारी के घर पहुंचे चिराग पासवान, हुए भावुक, सब रोने लगे, 'एनकाउंटर नहीं, मर्डर है'
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भरत तिवारी के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भरत तिवारी एनकाउंटर को सीधे तौर पर 'हत्या' बताते हुए बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर केस को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भरत तिवारी के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। परिजनों को सांत्वना देते हुए उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का वादा किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भरत तिवारी एनकाउंटर को सीधे तौर पर 'हत्या' बताते हुए बिहार पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस मामले में सीएम सम्राट चौधरी से भी मुलाकात करेंगे।
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने भरत तिवारी के पिता, मां, भाई और अन्य परिजनों से मुलाकात की। परिवार का हाल जाना और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। इस दौरान वहां भावुक माहौल बन गया। भरत तिवारी की मां, पिता और बहन चिराग पासवान को देखते ही रो पड़े। चिराग ने परिवार को ढांढस बंधाया और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने साफ कहा कि अगर कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर रहा था तो उसे गोली मारना कानून और लोकतंत्र दोनों के खिलाफ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाएगी और वह स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय को उठाएंगे।
चिराग पासवान ने कहा-जो हुआ, वह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर रहा है, तो उसकी हत्या नहीं की जा सकती। पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती थी, जांच कर सकती थी, लेकिन इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती। लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून का राज सर्वोपरि होना चाहिए। यदि किसी पर अपराध के आरोप हैं तो उसे अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए, जहां उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। लेकिन किसी भी व्यक्ति को कथित एनकाउंटर के नाम पर मार देना स्वीकार्य नहीं है।
चिराग पासवान ने कहा कि भरत तिवारी अब वापस नहीं आ सकते, लेकिन परिवार को न्याय जरूर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार की आंखों में दर्द साफ दिख रहा है और इस दर्द को केवल न्याय ही कम कर सकता है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर जरूरत पड़ी तो परिवार को सुरक्षा भी दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी परिवार को डराने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बता दें कि चिराग पासवान ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद वह पटना पहुंचे और अगले ही दिन भोजपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिले। बतातें चलें कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर सियासत जारी है। तमाम नेता भरत तिवारी के घर पहुंच रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही पुलिस पर गंभीर सवाल भी खड़े कर रहे हैं।
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