फटाफट लद्दाख घूमने का बना लीजिए प्लान, बिहार सरकार दे रही पैसा, रूट जान लीजिए
लद्दाख की खूबसूरत वादियों, बर्फ से ढके पहाड़ों, नीली झीलों और साफ नीले आसमान को नजदीक से देखना चाहते हैं तो बिना सोचे फटाफट लद्दाख घूमने का प्लान बना लीजिए। इसके लिए बिहार सरकार आपको पैसा भी दे रही है।
लद्दाख की खूबसूरत वादियों, बर्फ से ढके पहाड़ों, नीली झीलों और साफ नीले आसमान को नजदीक से देखना चाहते हैं तो बिना सोचे फटाफट लद्दाख घूमने का प्लान बना लीजिए। इसके लिए बिहार सरकार आपको पैसा भी दे रही है। बिहार सरकार के सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026 के तहत 50 प्रतिशत तक छूट मिल रही है। बिहार के स्थायी निवासी को लद्दाख स्थित सिंधु दर्शन यात्रा पूरी करने के बाद यात्रा पर हुए खर्च का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार रुपये तक का अनुदान/सब्सिडी मिलेगा।
पटना से लद्दाख के लेह शहर की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 1,900 से 2,100 किलोमीटर के बीच है। लद्दाख तक अभी रेलवे लाइन नहीं पहुंची है। इसलिए ट्रेन से सीधे लेह नहीं जाया जा सकता। पटना से सबसे पहले जम्मू तवी या कटरा तक ट्रेन से यात्रा करनी होगी। पटना से जम्मू के लिए कई लंबी दूरी की ट्रेनें उपलब्ध हैं। इस सफर में लगभग 24 से 30 घंटे का समय लग सकता है।
अगर फ्लाइट की बात करें तो पटना से लेह के लिए कोई सीधी फ्लाइट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को सबसे पहले पटना से दिल्ली, चंडीगढ़ या श्रीनगर के लिए फ्लाइट लेनी होगी। दिल्ली से लेह की उड़ान लगभग डेढ़ घंटे की होती है, जबकि श्रीनगर से लेह की उड़ान करीब एक घंटे में पूरी हो जाती है। मान कर चलिए पटना से लेह तक पूरी यात्रा लगभग 5 से 8 घंटे में पूरी होगी।
ट्रेन से सफर की बात करें तो पटना से सबसे पहले जम्मू तवी या कटरा तक ट्रेन से यात्रा करनी होगी। पटना से जम्मू के लिए कई लंबी दूरी की ट्रेनें उपलब्ध हैं। इस सफर में लगभग 24 से 30 घंटे का समय लग सकता है। हिमगिरि एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें जम्मू तवी तक जाती है। जम्मू पहुंचने के बाद बस या टैक्सी से श्रीनगर पहुंचना होगा। जम्मू से श्रीनगर की दूरी लगभग 270 किलोमीटर है। इसे तय करने में 7 से 9 घंटे लगते हैं। इसके बाद श्रीनगर से लेह के लिए बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। श्रीनगर से लेह की दूरी लगभग 420 किलोमीटर है। यह सफर कारगिल, द्रास और जोजिला दर्रे से होकर गुजरता है।
वहीं अगर आप कम बजट में यात्रा करना चाहते हैं तो जम्मू या श्रीनगर से लेह के लिए सरकारी और निजी बस से भी जा सकते हैं। जम्मू से पहले श्रीनगर पहुंचना होता है, जबकि श्रीनगर से लेह के लिए रेगुलर बसें चलती हैं। रास्ते में कारगिल में रात का ठहराव भी कराया जाता है।
लद्दाख घूमने के लिए मई से सितंबर तक का समय सबसे बेस्ट माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और मनाली-लेह और श्रीनगर-लेह दोनों सड़क मार्ग खुले रहते हैं। क्योंकि अक्टूबर से अप्रैल के बीच भारी बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो जाती हैं।
बता दें कि लद्दाख में कुछ प्रमुख पर्यटक स्थलों में हेमिस, पांगोंग झील, त्सो मोरिरी झील, लेह, नुब्रा घाटी, कारगिल शामिल है। लद्दाख के पर्वतीय स्थल और बर्फीले पहाड़ों का दृश्य आकर्षकता का केंद्र है। यहां बौद्ध और तिब्बती धर्म के प्रमुख गुरु दलाई लामा का स्थान है। लद्दाख अपने ऊंचे पहाड़ों, साफ नीले आसमान और प्राचीन बौद्ध मठों के लिए एक अद्भुत पर्यटन स्थल है। यहां की मुख्य जगहों में पैंगोंग त्सो झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला दर्रा, ज़ांस्कर घाटी और लेह शहर के दर्शनीय स्थल शामिल हैं।
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