भोजपुर में भरत तिवारी जैसा एक और कांड? 2 SI समेत 6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने DM-SP को किया तलब, CBI...
बिहार के आरा में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद भोजपुर से ही एक और ऐसा ही मामला सामने आया है। दलित युवक सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
बिहार के आरा में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के बाद भोजपुर से ही एक और ऐसा ही मामला सामने आया है। भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के गंज गांव निवासी दलित युवक सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में पटना हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद थाने के दो एएसआई, तीन होमगार्ड और एक निजी चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पटना हाईकोर्ट खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है।
दरअसल बिहिया थाना क्षेत्र के गंज गांव के रहने वाले दलित युवक सनोज कुमार को 13 अगस्त 2025 को उत्पाद विभाग की टीम ने हिरासत में लिया था। इसके बाद से वह रहस्यमय तरीके से लापता है। उत्पाद विभाग का दावा है कि रास्ते में जाम लगने के दौरान वह वाहन से फरार हो गया था। उत्पाद पुलिस का कहन है कि गिरफ्तार किए गए युवकों को वाहन से ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बिहिया चौराहे पर जाम लगा और पीछे बैठा एक युवक दरवाजा खोलकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। हालांकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने इस दावे पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कहा जा रहा है कि यदि युवक पुलिस हिरासत से भागा था तो तत्काल स्थानीय थाने में एफआईआर या सनहा क्यों दर्ज नहीं कराया गया? इसके अलावा सनोज का मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे से कैसे बरामद हुआ, जबकि युवक कथित रूप से फरार बताया गया था।
कस्टडी से सनोज के गायब होने के मामले में उत्पाद थाने के छह पुलिसकर्मी और चालक को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने इसकी पुष्टि की है। गिरफ्तार आरोपितों में एएसआई धीरज कुमार सिंह, एएसआई राज कुमार, होमगार्ड जवान राजू सिंह, उमेश यादव, धर्मेंद्र पासवान तथा निजी चालक विकास सिंह शामिल हैं। सभी उस समय जगदीशपुर उत्पाद थाने में तैनात थे। कोर्ट में पेशी के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस एक अन्य संदिग्ध कर्मी से भी पूछताछ कर रही है।
परिजनों का कहना है कि काफी तलाश के बाद भी जब सनोज का कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवार ने पटना हाईकोर्ट का रुख किया। पटना हाईकोर्ट खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहा है। सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भोजपुर के डीएम, एसपी और अन्य अधिकारियों से जवाब तलब किया। अदालत ने पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा देने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि इस मामले में सबसे बड़ी प्राथमिकता सनोज कुमार की बरामदगी और उसके गायब होने की सच्चाई सामने लाना है।
अदालत ने नाराजगी जताते हुए भोजपुर एसपी से सवाल किया कि उन्होंने अपने स्तर पर इस मामले को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए? लेकिन एसपी कोर्ट में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर अदालत ने कहा कि अगर पुलिस अपनी जांच से कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर पाई, तो इस केस की पूरी जांच सीबीआई (CBI) के हवाले कर दी जाएगी। फ़िलहाल भोजपुर पुलिस अब तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सनोज कुमार की तलाश में जुटी है।
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