सीएम सम्राट चौधरी करेंगे "जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" अभियान का शुभारंभ
पटना: स्वास्थ्य विभाग गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से "जाँच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" अभियान की शुरुआत की जा रही है।

पटना: स्वास्थ्य विभाग गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से "जाँच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस विशेष अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दो सितंबर को सुबह दस बजे ऊर्जा ऑडिटोरियम, पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में करेंगे। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान 38 जिलों के लिए जागरूकता रथ रवाना किया जाएगा। 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक तीन माह का विशेष अभियान "जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों की स्वास्थ्य स्क्रिनिंग करेंगी तथा परामर्श देंगी।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि “जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार” अभियान के माध्यम से विभाग का प्रयास है कि गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित हो। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, हृदय रोग सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के साथ निःशुल्क जांच, दवा और परामर्श की सुविधा दी जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति समय पर जांच और उपचार से वंचित न रहे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी रोगों की शुरुआती पहचान कर जोखिम कारकों को कम करना तथा असामयिक मौतों में कमी लाना है। इसके तहत जिन गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग और प्रबंधन किया जाएगा, उनमें मधुमेह और उच्च रक्तचाप, तीन प्रमुख सामान्य कैंसर: मुंह, स्तन एवं गर्भाशय के मुख का कैंसर, हृदय रोग, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज शामिल है।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर आमजन को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श देंगी एवं स्वास्थ्य संस्थानों में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, आवश्यकता के अनुसार मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में विभिन्न महत्वपूर्ण निःशुल्क प्रयोगशाला एवं नैदानिक जांच की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। अभियान के तहत आशा एवं आशा फैसिलिटेटर ANM के साथ घर-घर जाकर सर्वेक्षण, फैमिली फोल्डर एवं CBAC फॉर्म भरकर जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान करेंगी तथा मरीजों की लाइन-लिस्ट तैयार कर उन्हें दवा और फॉलो-अप के लिए प्रेरित करेंगी। वहीं सीएचओ एवं एएनएम आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की ऊंचाई, वजन और बीएमआइ के आधार पर स्क्रीनिंग करेंगे तथा गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने के साथ टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से दवा उपलब्ध कराएंगे। चिकित्सा पदाधिकारी आवश्यक जांच, ओपीडी आधारित स्क्रीनिंग, उपचार एवं जटिल मामलों के प्रबंधन के साथ आंकड़ों की प्रविष्टि सुनिश्चित करेंगे।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए प्रखंड एवं जिला स्तर पर नियमित समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रखंड स्तर पर बीसीएम नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जबकि बीएचएम और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रतिदिन समीक्षा कर कमियों का निराकरण करेंगे। जिला स्तर पर एनसीडीओ नोडल अधिकारी होंगे और सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, डीपीएम एवं डीए &इओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की प्रगति, मानव संसाधन एवं दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति ने अभियान के दौरान सभी आंकड़ों की एनसीडी पोर्टल पर रियल-टाइम प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि अभियान के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके।










