जेल भेजने की हो रही थी तैयारी, कोर्ट से फरार हुए तीन भाई, अब पुलिस मार रही छापा
राज्य के पूर्वी चंपारण जिले से हैरान करने वाली खबर है। यहां व्यवहार न्यायालय में तब हडकंप मच गया, जब कोर्ट से जेल भेजे जाने के पहले तीन आरोपी चकमा देकर फरार हो गये।

राज्य के पूर्वी चंपारण जिले से हैरान करने वाली खबर है। यहां व्यवहार न्यायालय में तब हडकंप मच गया, जब कोर्ट से जेल भेजे जाने के पहले तीन आरोपी चकमा देकर फरार हो गये। अहम बात यह कि तीनों आरोपी सहोदर भाई हैं। कोर्ट से फरार होने की खबर जिसने भी सुनी, वह हैरान हो गया। अब पुलिस की तरफ से इस पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। आरोपियों को पकडने के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी व्यवहार न्यायालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब जेल भेजे जाने की प्रक्रिया के बीच तीन सगे भाई कोर्ट की कस्टडी से चकमा देकर फरार हो गए। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मधुबनीघाट की है। बताया जा रहा है कि यहां के निवासी मुर्शी साह, हरि साह और हरेंद्र साह ने सोमवार को मोतिहारी व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण के साथ ही उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत के लिए आवेदन भी दाखिल किया गया। मामले में न्यायालय के समक्ष सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका को स्वीकार नहीं किया।
याचिका खारिज होने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसी दौरान कस्टडी तैयार किए जाने के समय तीनों भाई सुरक्षाकर्मियों को चकमा देने में सफल रहे और न्यायालय परिसर से फरार हो गए। आरोपियों के अचानक गायब होने की जानकारी मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों ने न्यायालय परिसर के अलावा आसपास के इलाकों में भी काफी देर तक उनकी तलाश की, लेकिन तीनों का कोई सुराग नहीं मिल सका। कोर्ट प्रशासन ने नगर थाना में दिया आवेदन घटना को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के पीठ लिपिक जितेंद्र कुमार ने मंगलवार को नगर थाना में आवेदन दिया। आवेदन के आधार पर पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
नगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि तीनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ कोर्ट की कस्टडी से आरोपियों के फरार होने की घटना ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, कोर्ट की कस्टडी से तीन आरोपियों के इस तरह फरार होने की घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के सामने अब तीनों भाइयों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के साथ-साथ यह पता लगाने की चुनौती है कि आखिर किस तरीके से तीनों आरोपी न्यायालय परिसर से सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार होने में सफल हुए।
पूर्वी चम्पारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट











