विरासत को कोसना अपना अधिकार समझते हैं राहुल गांधी: योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी को उनके ही घर में जबरदस्त तरीके से निशाने पर लिया।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी को उनके ही घर में जबरदस्त तरीके से निशाने पर लिया। सीएम ने कहा कि अपनी विरासत को कोसना राहुल गांधी जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। दरअसल सीएम योगी सोमवार को रायबरेली पहुंचे हुए थे, जहां उन्होंने 879 करोड रूपये की विकास परियोजनाओं का उपहार देने गए थे। इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में यह बातें कहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राहुल गांधी विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। राहुल गांधी मनुस्मृति, भगवान राम या भारत की विरासत पर टिप्पणी करते हैं। राहुल गांधी को अगर मनु को समझना हैं, इनको तो अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़ना पढ़ेगा। जिसका इनसे दूर-दूर तक कोई वास्ता ही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को विस्मृत करता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता। दुर्भाग्य से एक नेता ने विदेश से भारत के खिलाफ षडयंत्र करने और भारत की परंपरा और मूल्यों को विस्मृत करके भ्रम में डालने का ठेका ले लिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी पर तीखा तंज करते हुए कहा कि राहुल जी, ये देश राहुल गांधी के रूप में आपसे बहुत अपेक्षा नहीं करता, लेकिन भारत की संसद में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपको देश के लोकतंत्र के रूप में जवाबदेह बनाता है। इसके बाद भी आप भारत की विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। मैं पिछले दिनों इस रायबरेली के सांसद राहुल गांधी के बयान को पढ़ रहा था। महाराष्ट्र में उन्होंने बयान दिया कि महिलाएं मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर बाहर आ जाएं। राहुल गांधी ने कहा था, मनुस्मृति कहती है कि महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी की लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका की याद दिलाते हुए कहा कि आपने संविधान की शपथ ली थी। इसके बाद भी आप भारत की परंपरा को विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। उत्तर प्रदेश यूपी के बाहर जाते हैं तो यूपी को लांछित और अपमानित करते है, भारत के बाहर जाते हैं तो भारत का अपमान करते हैं।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी ने मनुस्मृति के एक अंश का जिक्र किया था, बचपन में महिला अपने पिता की होती है, जवानी में वह अपने पति की होती है और जब उसका पति मर जाता है तो वह अपने बेटों की होती है। महिला को कभी भी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए।











