संजय झा का बडा दावा, बांकीपुर में एनडीए को मिलेगी बडी मार्जिन से जीत

राजधानी के बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख की घोषणा होने के साथ ही राज्य में राजनीतिक तापमान में उछाल आ गया है। एनडीए के अहम घटक दल जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि इस सीट पर एनडीए को बडी मार्जिन से जीत मिलेगी।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोमवार को मीडिया से बातें करते हुए कहा कि बांकीपुर का चुनाव पूरे बिहार के लिए प्रतिष्ठा की बात है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के इस सीट पर लडने के सवाल पर उनका कहना था कि लोकतंत्र में चुनाव में किसी को भी कहीं से भी खड़ा होने का अधिकार है और मतदान के वक्त जनता मालिक होती है। जहां तक बांकीपुर की बात है, यह बिहार के लिए प्रतिष्ठा की बात है। बिहार के ही नेता को बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। वो पहले व्यक्ति हैं, जिनकी दिल्ली में सरकार है। कांग्रेस में तो बन ही नहीं सकता है। वह परिवार में ही रहती है। बांकीपुर के विधायक को इतनी बडी प्रतिष्ठा मिली। चुनाव भी उसी बैकग्राउंड में हो रहा है।
उनका कहना था कि जब चुनाव हो रहा था तब कहा गया था कि डबल इंजन की सरकार जो कार्य कर रही है, उसे कोई मिस नहीं करना चाहता है। बांकीपुर में एनडीए बडे मार्जिन से जीत रहा है। हम लोग को फीडबैक मिल रहा है। संजय झा का कहना था कि नीतीश कुमार बिहार के एनडीए के सर्वमान्य नेता हैं। नीतीश कुमार 2025 से मुख्यमंत्री बने। पिछले 20 साल से मुख्यमंत्री थे। ज्यादा समय हम लोगों एनडीए में ही रहे। थोड़े समय के लिए विपक्ष में रहे। नीतीश कुमार को बिहार की जनता ने आशीर्वाद दिया है। यह सरकार भी नीतीश कुमार के आशीर्वाद से चल रही है। नीतीश कुमार को कोई प्रेशर में नहीं ला सकता है। वह खुद का डिसीजन है। पूरी सरकार नीतीश कुमार का सहभागिता और मार्गदर्शन के साथ चल रहा है। जेडीयू और बीजेपी मिलाकर सरकार चल रही है। जितने बीजेपी के मंत्री हैं, उतने जेडीयू के हैं। दो डिप्टी सीएम हैं। एनडीए के अन्य साथी, सब मिलकर सरकार चला रहे हैं। चुनाव के पहले हमने ज्वॉइंट मेनिफेस्टो निकाला था। इससे पहले ऐसा नहीं होता था। जितनी जवाब देही बीजेपी की सरकार चलाने की बिहार में है, उतनी ही जवाब देही जदयू की भी बिहार में सरकार चलाने की है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकार का खजाना खाली कने के बयान पर संजय झा का कहना था कि उनको क्या समझ में आता है कि खजाना खाली है? कोई खजाना खाली नहीं है। खजाना खाली क्या होता है? बिहार में जो विकास की गति है और तेज गति से चलेगी। बिहार में पैसे की कोई किल्लत नहीं है। तेजस्वी यादव को अपना समय याद आता होगा, जब छह महीने तक वेतन नहीं मिलता था।










