रामविलास पासवान को लेकर भावुक हुए चिराग पासवान,कहा-मेरे लिए मेरे पिता जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि....
पिता और भारतीय राजनीति के दिग्गज दिवंगत नेता राम विलास पासवान को याद करते हुए चिराग पासवान ने कहा-मेरे लिए मेरे पिता जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, सिद्धांत और जनसेवा की जीवंत मिसाल थे।
लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP Ram Vilas) की ओर से पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्म विभूषण रामविलास पासवान की 80वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर लोजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भावुक नजर आए। पिता और भारतीय राजनीति के दिग्गज दिवंगत नेता राम विलास पासवान को याद करते हुए चिराग पासवान ने कहा-मेरे लिए मेरे पिता जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, सिद्धांत और जनसेवा की जीवंत मिसाल थे।
लोजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-मेरे लिए मेरे पिता जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, सिद्धांत और जनसेवा की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। नौ बार लोकसभा, दो बार राज्यसभा और छह प्रधानमंत्रियों के साथ कार्य करते हुए उन्होंने जनसेवा को ही अपना सर्वोच्च धर्म माना। उनका असाधारण जनविश्वास और ऐतिहासिक जनसमर्थन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है। उनकी पावन जयंती पर उन्हें सादर नमन करते हुए यही संकल्प है कि उनके सेवा, समर्पण और सामाजिक न्याय के आदर्शों को आगे बढ़ाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
वहीं एक अन्य पोस्ट में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान लिखते हैं-मेरे नेता-मेरे पिता, आदरणीय रामविलास पासवान जी की जयंती पहली बार उत्तर प्रदेश की पावन धरती पर उनकी जयंती मनाना मेरे लिए भावुक और ऐतिहासिक क्षण रहा। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मेरे नेता के विचारों को उत्तर प्रदेश के जन-जन तक पहुंचाने का हमारा संकल्प है।
उत्तर प्रदेश सिर्फ बिहार का पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि मेरे पिता के दिल के भी बेहद करीब है। यही कारण है कि आज हम उनके सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के विचारों को यहां नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का उद्देश्य वंचितों, शोषितों और अंतिम पंक्ति में खड़े हर व्यक्ति की आवाज़ बनना है। इसी सोच के साथ हम उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और श्रद्धेय रामविलास पासवान जी की विचारधारा को हर गांव, हर शहर और हर घर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।
चिराग पासवान ने पार्टी में टूट को लेकर कहा कि उनके (रामविलास पासवान) जाने के बाद हमारी पार्टी काफी समय तक अपने ही उतार-चढ़ाव में उलझी रही। इस कारण जिस तरह का विस्तार होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया। लेकिन जब-जब हमें अवसर मिला, हमने पार्टी को आगे बढ़ाने का काम किया।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की जयंती हर साल 5 जुलाई को मनाई जाती है। उनका जन्म 5 जुलाई 1946 को बिहार के खगड़िया जिले में हुआ था। उन्हें सामाजिक न्याय का प्रबल समर्थक और वंचितों की आवाज माना जाता था। रामविलास पासवान की 80वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम राजनेताओं ने श्रद्धांजलि दी थी।
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