नहीं आये अधिकारी तो मुखिया, ग्रामीणों ने कर दिया पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन
राज्य के पूर्वी चंपारण जिले से बडी खबर है। यहां मुखिया और ग्रामीणों ने खुद ही पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन कर लिया है। बताया जा रहा है कि पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन करने के लिए अधिकारियों को आना था लेकिन वह नहीं पहुंचे। जिसके बाद मुखिया ने ही इसका उद्घाटन कर दिया। अब मुखिया के इस कदम की हर तरफ चर्चा हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसर महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण में जनप्रतिनिधि अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। वही पंचायत सरकार भवन के उद्घाटन में अधिकारियों के नही पहुंचने पर गांव के बुजुर्गों और मुखिया ने खुद से ही फीता काटकर इसका उद्घाटन किया और महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने का वादा भी किया। बताया जा रहा है कि इस उद्घाटन समारोह में जिले के पंचायती पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी को उद्घाटन के लिए निमंत्रण दिया गया था लेकिन यह लोग नहीं पहुंचे। तब ग्रामीणों ने गांव के बुजुर्ग लोगों से ही उद्घाटन करवाना मुनाफिब समझा और मुखिया की पहल के बाद गांव के बुजुर्ग महिलाओं, पुरुषों ने एक साथ फीता काटकर पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन कर दिया।
गांव की महिला दलित मुखिया राजकुमारी देवी ने कहा कि ग्राम स्वराज बापू का सपना था। उसको हम लोग पूरा करने का काम करेंगे। ग्राम पंचायत में जो योजनाएं चल रही हैं, उसको लागू करवाने का काम करेंगे और सभी सरकारी कर्मी को पंचायत सरकार भवन में बैठने का आग्रह भी करेंगे। वहीं अधिकारियों के नहीं पहुंचने को लेकर कहा कि अधिकारियों क़ो निमंत्रण दिया गया था लेकिन नहीं आए। हम लोगों ने खुद से इसका उद्घाटन किया है। वहीं मुखिया संघ के नेता राजू बैठा ने भी कहा बापू के सपने को हम सभी जनप्रतिनिधि पूरा करने में लगे हैं। इस पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन करने के लिए कई पदाधिकारियों को निमंत्रण भेजा गया था लेकिन वह नहीं आए। गांव के लोगों के द्वारा ही पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन कराया गया है। बिहार सरकार भवन में पंचायत के तमाम जनप्रतिनिधि सरकारी कर्मी की मौजूदगी रहे ताकि सरकार की योजनाओं को लागू कराया जा सके।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट
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