संसद का मानसून सत्र आज से, इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
संसद का मानसून सत्र आज से, इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। ऐसे में आगामी दिनों में संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।
इस बार का मानसून सत्र एक और वजह से चर्चा में है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग हुए 20 सांसदों द्वारा गठित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) पहली बार संसद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी। यह नया राजनीतिक दल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का सहयोगी बन चुका है।
सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करने की संभावना है। वहीं विपक्ष अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, नीट पेपर लीक, एथनॉल ब्लेंडिंग नीति समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहने की तैयारी में है।
मानसून सत्र से पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विधायी कार्यसूची और जनहित से जुड़े प्रमुख विषयों पर चर्चा की। इस दौरान ओम बिरला ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारु, गरिमापूर्ण और सार्थक बनाए रखने के लिए रचनात्मक सहयोग देने की अपील की।
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसद परिसर में सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने आगामी सत्र के एजेंडे और सदन के संचालन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में मंत्रियों सहित 40 राजनीतिक दलों के कुल 58 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि मानसून सत्र के विधायी कार्यक्रम को 16 जुलाई को ही संसद के दोनों सचिवालयों द्वारा बुलेटिन पार्ट-2 के माध्यम से जारी कर दिया गया था। 25 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
Trending News