डोरंडा के 'छप्पन सेठ' पंडाल का भव्य आगाज, दक्षिणेश्वर काली मंदिर के स्वरूप ने मोहा मन
रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय प्रसाद ने रांची के डोरंडा स्थित छप्पन सेठ कॉलोनी में 64वें दुर्गा पूजा महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया।

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय प्रसाद ने रांची के डोरंडा स्थित छप्पन सेठ कॉलोनी में 64वें दुर्गा पूजा महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद माता के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया।
रांची के प्रतिष्ठित डोरंडा छप्पन सेठ कॉलोनी का दुर्गा पूजा पंडाल इस साल अपनी भव्यता और अनूठी संस्कृति के कारण शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार शाम विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय प्रसाद ने पंडाल का उद्घाटन किया। पट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे।
दक्षिणेश्वर काली मंदिर की कलात्मक प्रतिकृति
इस वर्ष पूजा समिति ने तमिलनाडु के प्रसिद्ध वेल्लोर स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर पंडाल का निर्माण कराया है।
आकार: यह विशाल पंडाल करीब 70 फीट ऊंचा और 45 फीट चौड़ा है।
रोशनी: मुख्य प्रवेश द्वार पर सजा 45 फीट ऊंचा प्रकाशयुक्त (लाइट) गेट आकर्षण का मुख्य केंद्र है, जो रात के समय पूरी सड़क को अलंकृत कर रहा है।
501 महिलाओं ने उतारी महाआरती
उद्घाटन के तुरंत बाद सांस्कृतिक और धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में 501 महिलाओं ने एक साथ सामूहिक महाआरती की। शंख और घंटियों की गूंज के साथ हुए इस आयोजन ने पूरे परिसर को पूरी तरह से आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जस्टिस संजय प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि मां दुर्गा का पर्व हमें शक्ति, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने झारखंड की खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की।
समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दुबे ने बताया कि पिछले 64 सालों से यह आयोजन आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का अनूठा संदेश देता आ रहा है, जिसे स्थानीय निवासियों के सक्रिय सहयोग से हर साल भव्य रूप दिया जाता है।
संक्षिप्त विवरण (एक नजर में)
थीम: वेल्लोर का दक्षिणेश्वर काली मंदिर
पंडाल का माप: ऊंचाई 70 फीट, चौड़ाई 45 फीट
मुख्य आकर्षण: 501 महिलाओं की सामूहिक महाआरती और भव्य विद्युत सज्जा
रांची से सुजीत कुमार की रिपोर्ट













