बाढ़ में बह गईं किताबें, लेकिन नहीं टूटा कृतिका का हौसला, डीसी ने कहा, मन से करना पढ़ाई
झारखंड के पलामू जिले से हौसलों को बढ़ाने वाली खबर है। यहां एक पांचवी की कक्षा के मनुहार को डीसी ने तुरंत पूरा किया और हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

झारखंड के पलामू जिले से हौसलों को बढ़ाने वाली खबर है। यहां एक पांचवी की कक्षा के मनुहार को डीसी ने तुरंत पूरा किया और हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इतना ही नहीं डीसी ने अधिकारियों को इस बात की भी हिदायत दी कि बच्ची की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
दरअसल पूरी कहानी कुछ ऐसी है कि जिले में कोयल नदी में बाढ़ आयी थी। तब इस पानी ने अपने साथ तो सबकुछ बहा कर ले जाने का प्रयास किया लेकिन पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली एक छोटी सी लडकी के हौसले को बाढ़ का पानी नहीं बहा पाया। मिली खबर के अनुसार बुधवार को पलामू के डीसी दिलीप प्रताप सिंह के जन समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें पूरे जिले से फरियादी अपनी समस्या को लेकर पहुंचे हुए थे। इन्ही फरियादियों की भीड में एक छोटी सी लडकी भी खडी थी।
जिले के मेदिनीनगर के सुदना बैंक कॉलोनी की निवासी कृतिका इस जन समाधान कार्यक्रम में अपनी पडोस की आंटी के साथ वहां आयी हुई थी। कृतिका के मन के किसी कोने में झिझक तो थी लेकिन एक हौसला भी था। बताया जा रहा है कि जब जब कृतिका की बारी आई तो उसने हिम्मत जुटाई और डीसी दिलीप प्रताप सिंह के सामने अपनी बात रखी। कृतिका ने बताया कि कोयल नदी की बाढ़ का पानी घर में घुस गया और उसकी किताबें-कॉपियां बह गईं। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि परिवार आसानी से नई किताबें खरीद सके। उसने यह भी जानकारी दी कि उसके पिताजी काम नहीं करते हैं। जबकि मां दूसरे के घरों में जाकर घरेलू काम करती है।
इतनी छोटी से मासूम की बात सुनकर डीसी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मामले को गंभीरता से लिया और जिला शिक्षा अधीक्षक को तत्काल आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। डीसी ने बच्ची से कहा कि बेटा, ठीक से पढ़ाई करना। हर संभव मदद की जाएगी। डीसी के आदेश के बाद तुरंत कार्रवाई हुई और कृतिका के मदद के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग छात्रा को जल्द ही किताबें और कॉपियां उपलब्ध करायेगा। विभागीय स्तर पर उसकी पढ़ाई में भी हर संभव सहयोग करेगा। विभाग की ओर से कृतिका के परिजनों से सरकारी स्कूल में नामांकन को लेकर भी बातचीत की गई है। डीइओ ने बताया कि छात्रा को जल्द किताबें और कॉपियां दी जा रही हैं। शिक्षा विभाग उसकी पढ़ाई में भी मदद करेगा। उन्होंने कृतिका के परिजनों से सरकारी स्कूल में नामांकन को लेकर भी बातचीत की है।
पलामू से विकास कश्यप की रिपोर्ट











