पोषण भी, संस्कार भी : नाला में रसोइया-सह-सहायिकाओं को दिया गया मध्याह्न भोजन योजना का विशेष प्रशिक्षण

जामताड़ा : प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत सोमवार को प्रखंड संसाधन केंद्र, नाला के सभागार में एक दिवसीय गैर आवासीय पुनश्चर्या प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड साधन सेवी सुनील मंडल और प्लस टू उच्च विद्यालय के प्राचार्य उत्तम कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण शिविर में नाला प्रखंड के सभी संकुल साधन सेवी एवं प्रत्येक संकुल से एक-एक संयोजिका ने भाग लिया।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना केवल स्कूली बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार देने की योजना नहीं है - प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी
इस मौके पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मिलन कुमार घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना केवल स्कूली बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार देने की योजना नहीं है, बल्कि यह भारत के भावी नागरिकों के स्वास्थ्य और समुचित विकास में एक दूरदर्शी निवेश है। उन्होंने कहा कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन में रसोइया-सह-सहायिकाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण और सराहनीय है। बच्चों तक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और गर्म भोजन समय पर पहुंचाने में इनका योगदान आधारभूत है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए विकसित यह एक दिवसीय प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरी तरह व्यावहारिक अभ्यास, संवेदी शिक्षण विधियों और गुणवत्ता मानकों पर आधारित है।
प्रशिक्षण में इन बिंदुओं पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित संयोजिकाओं और साधन सेवियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई जिसमें मध्याह्न भोजन तैयार करने में स्वच्छता और सुरक्षा के मानक, भोजन के पोषण मूल्यों और स्थानीय पोषक तत्वों की जानकारी, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री से मेनू में विविधता लाने के तरीके, सूखे और गीले कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन का उपयोग और अपशिष्ट प्रबंधन, किचन-सह-स्टोर कक्ष के सही उपयोग और रखरखाव का महत्व, विद्यालय में पोषण वाटिका का निर्माण, उपयोग और रखरखाव आदि।

BEEO ने कहा- पोषण वाटिका जैसा अभिनव प्रयास विद्यालयों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है
इस दौरान बीईईओ मिलन कुमार घोष ने कहा कि पोषण वाटिका जैसा अभिनव प्रयास विद्यालयों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो बच्चों को पोषण शिक्षा, कृषि कौशल और पर्यावरणीय चेतना से जोड़ता है। इस अवसर पर संकुल साधन सेवी समर लायेक, समीर चंद्र महतो, हरिशंकर मंडल, परेश चंद्र मंडल सहित संयोजिका झुमकोलता मंडल, भवानी पाल, उषा मंडल, ममता पाल, जयंती सेन और उषा डे सहित काफी संख्या में संयोजिकाएं उपस्थित थीं।
जामताड़ा से संतोष कुमार कुमार की रिपोर्ट










