विस्थापितों के आंदोलन में हाई वोल्टेज ड्रामा, वार्ता विफल होते ही धरने पर लेट गए वित्त मंत्री
बोकारो में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों की भूख हड़ताल 8वें दिन भी जारी रही। इस दौरान सियासी हलचल तेज हो गई।

बोकारो : बोकारो में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों की भूख हड़ताल 8वें दिन भी जारी रही। इस दौरान सियासी हलचल तेज हो गई। भूख हड़ताल पर बैठीं बोकारो विधायक श्वेता सिंह के समर्थन में झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश बोकारो पहुंचे। जिसके बाद बोकारो सर्किट हाउस में जिला उपायुक्त बीएसएल प्रबंधन ओर विस्थापितों का प्रतिनिधित्व कर रहे मंत्री ओर प्रदेश अध्यक्ष के साथ चली दो घंटे के वार्ता विफल रही। जिसके बाद वित्त मंत्री कमरे से निकल कर सीधे धरनास्थल पहुंचे और सांकेतिक विरोध जताते हुए लेट गए।
BSL प्रबंधन व्यावसायिक हित की बात सोचते हैं मानवता की बात नहीं सोचते - मंत्री राधाकृष्ण किशोर
मंत्री राधाकृष्ण किशोर का कहना है कि बीएसएल प्रबंधन व्यावसायिक हित की बात सोचते हैं मानवता की बात नहीं सोचते। बीएसएल प्रबंधन का तनाशाही रवैया नहीं होता तो आज झारखंड का एक मंत्री यहां लेटा नहीं होता। उन्होंने कहा कि प्रेम महतो के परिवार को एक नौकरी दीजिए और जिन परिवारों को आप अप्रेंटिस का ट्रेनिंग दिया है। उसको बहाल करो। जमीन हमारे विस्थापितों की गई है और चतुर्थ वर्ग का फायदा बाहर के लोग उठा रहे हैं। उसमें भी कमीशन चल रहा है। प्रेम महतो को लाठी मारी गई उसकी हत्या हुई है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। हाई कोर्ट में मामला क्वैश हो गया। मगर जब सुप्रीम कोर्ट ने मामले को एक्सेप्ट कर लिया तो ऑटोमेटेकली जो भी एफआईआर में नाम है उसको तीन दिन में गिरफ्तार करिए।
मंत्री ने कहा- विस्थापितों ने 32 हजार एकड़ जमीन दी है लेकिन लगभग 18 हजार लोगों को नियोजन मिला
मंत्री ने कहा कि विस्थापितों ने 32 हजार एकड़ जमीन दी है लेकिन लगभग 18 हजार लोगों को नियोजन मिला। उन्होंने कहा कि 10 हजार विस्थापितों के हक में रोजगार की मांग उठाई। हालांकि इस पूरे वार्ता को लेकर बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। फिलहाल देखना होगा कि अब इसके आगे का स्वरूप क्या होगा। क्या बीएसएल प्रबंधन विस्थापितों की मांगों पर कोई ठोस पहल करेगा? बता दें कि विस्थापितों ने नियोजन की मांग को लेकर बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेटों को बंद कर रखा है।
बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट













