सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड : कथित प्रेमिका दरोगा पुष्पा पर गंभीर आरोप, शराब तस्करों से बीच रास्ते में ‘डील’ की आशंका!
नालंदा में मद्य निषेध विभाग के एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) के सिपाही अजीत कुमार की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। मामले में महिला दरोगा पुष्पा कुमारी की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

नालंदा : नालंदा में मद्य निषेध विभाग के एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो (EIB) के सिपाही अजीत कुमार की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। मामले में महिला दरोगा पुष्पा कुमारी की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों और जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अजीत कुमार और पुष्पा कुमारी के बीच करीबी संबंध थे और शराब तस्करों को पकड़ने की आधिकारिक प्रक्रिया से अलग हटकर बीच रास्ते में ही उनसे कथित तौर पर उगाही की योजना बनाई गई थी।
पटना मुख्यालय से भेजे गए आधिकारिक दल का उद्देश्य शराब के अवैध कारोबार से जुड़ी सूचनाएं जुटाकर रिपोर्ट देना था
बताया जा रहा है कि गुरुवार को पटना मुख्यालय से भेजे गए आधिकारिक दल का उद्देश्य शराब के अवैध कारोबार से जुड़ी सूचनाएं जुटाकर रिपोर्ट देना था। लेकिन शराब तस्करों की जानकारी मिलने के बाद सिपाही अजीत कुमार ने कथित तौर पर मुख्यालय को सूचित करने के बजाय नालंदा में तैनात दरोगा पुष्पा कुमारी से संपर्क किया। जांच से जुड़े एक पुलिसकर्मी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, आशंका है कि शराब की खेप को बीच रास्ते में रोककर तस्करों से रकम वसूलने और मामला रफा-दफा करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, इस कथित योजना और दोनों के निजी संबंधों को लेकर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
पीछा करने के दौरान गई सिपाही की जान
मामले का सबसे गंभीर पहलू सिपाही अजीत कुमार की मौत है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, शराब तस्करों के वाहन का पीछा करने के दौरान होमगार्ड जवान की राइफल से चली गोली लगने से अजीत कुमार की मौत हुई। आरोप है कि घटना के बाद शराब तस्करों की ओर से गोलीबारी किए जाने की कहानी गढ़ी गई, ताकि वास्तविक परिस्थितियों पर पर्दा डाला जा सके। नालंदा के एसपी हृदयकांत के मुताबिक, साक्ष्य छिपाने और झूठी कहानी रचने के आरोप में महिला सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, एक सिपाही और वाहन चालक समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी।
नियमों को दरकिनार करने का आरोप
नियमों के अनुसार, एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो का प्रमुख काम शराब के अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाएं जुटाकर पटना मुख्यालय को उपलब्ध कराना है। इसके बाद संबंधित जिले में नियमानुसार कार्रवाई के लिए टीम गठित की जाती है।आरोप है कि अजीत कुमार ने इस प्रक्रिया का पालन करने के बजाय सीधे स्थानीय दरोगा से संपर्क किया। जांच का महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या यह केवल विभागीय प्रक्रिया का उल्लंघन था या इसके पीछे कोई अवैध आर्थिक लेन-देन की मंशा भी थी।
पुष्पा कुमारी की भूमिका भी जांच के घेरे में
महिला दरोगा पुष्पा कुमारी के खिलाफ पूर्व की तैनाती के दौरान भी कथित तौर पर अवैध वाहन जांच, वसूली और शराब कारोबारियों से संपर्क जैसे आरोपों की चर्चा सामने आई है। शराब की गाड़ियों को सुरक्षित पार कराने के बदले रकम लेने और राजगीर में जमीन खरीदने को लेकर भी दावे किए जा रहे हैं। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच के आधार पर होना जरूरी है। सिपाही अजीत कुमार की वर्ष 2024 में शादी होने और पुष्पा कुमारी के पति से तलाक का मुकदमा दाखिल करने संबंधी बातें भी चर्चा में हैं। हालांकि, किसी के निजी जीवन की परिस्थितियां अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं हैं।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल हैं—अजीत कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई? गोली किसकी राइफल से चली और क्या उसकी फॉरेंसिक जांच हुई है? क्या शराब तस्करों से वसूली की कोई वास्तविक योजना थी? घटना के बाद कथित तौर पर झूठी कहानी किसने और क्यों बनाई? और क्या इस पूरे प्रकरण में विभाग के अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी? इन सवालों के जवाब जांच के निष्कर्षों, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अदालत में प्रस्तुत तथ्यों से सामने आएंगे। फिलहाल आरोपों को अंतिम सच मानना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि सरकारी पद का इस्तेमाल अवैध वसूली के लिए किए जाने और एक सिपाही की मौत के बाद साक्ष्य छिपाने के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि मद्यनिषेध व्यवस्था की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल होगा













