बीएसएल कर्मी के परिवार का आंदोलन खत्म, अधूरी रह गयी नौकरी की मांग

बोकारो इस्पात संयंत्र के कर्मी सुभाष चंद्र मोदी की इलाज के दौरान मौत के बाद आश्रित को बीएसएल में नौकरी देने की मांग को लेकर पिछले 11 दिनों से चल रहा आंदोलन और भूख हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गया। उपायुक्त अजय नाथ झा ने मृतक की पत्नी सोना मनी देवी को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई।
हालांकि आंदोलन खत्म होने के बावजूद परिवार और आंदोलनकारियों की मुख्य मांग पूरी नहीं हो सकी। परिजनों को बीएसएल में स्थायी नौकरी देने के बजाय मृतक के दोनों बेटों को ठेका श्रमिक के रूप में रोजगार देने का आश्वासन मिला। वहीं बेटी रीता कुमारी को आर्चरी में कोच के रूप में अवसर दिलाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का भरोसा भी प्रशासन की ओर से दिया गया। इस फैसले से आंदोलनकारी पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे, लेकिन 11 दिनों से बीजीएच में रखे सुभाष मोदी के शव और भूख हड़ताल के कारण लगातार बिगड़ती सोना मनी देवी की तबीयत को देखते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि 17 जुलाई को इलाज के दौरान सुभाष चंद्र मोदी का निधन हो गया था। इसके बाद परिजन न्याय और आश्रित को नौकरी की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ गए थे। इस दौरान भाजपा सांसद ढुल्लू महतो, आजसू के पूर्व विधायक लंबोदर महतो, जेडीएस प्रदेश अध्यक्ष पवन झा सहित कई नेताओं ने आंदोलन स्थल पहुंचकर समर्थन दिया। वहीं आंदोलन के दौरान कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह या अन्य कांग्रेस नेताओं के परिजनों से मुलाकात नहीं करने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा होती रही।
बोकारो से चंदन सिंह की रिपोर्ट











