एलएनएमआई के छात्रों को 'गंगा टू ग्लोबल' के तहत विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से सीखने का मिलेगा अवसर: सीएम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान में आयोजित छात्रों के इंडक्शन एंड ओरियंटेशन प्रोग्राम 'आगाज 2026' कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान में आयोजित छात्रों के इंडक्शन एंड ओरियंटेशन प्रोग्राम 'आगाज 2026' कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 के पासआउट छह गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया, साथ ही 2026 बैच में नये नामांकन लेनेवाले छात्र-छात्राओं को शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री ने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का भी शुभारंभ किया। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध कराये जाएं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आगाज 2026 कार्यक्रम में उपस्थित होकर प्रसन्नता हो रही है। आप सभी बच्चों के लिये यह महत्वपूर्ण दिन है। ललित नारायण मिश्र संस्थान बिहार की महत्वपूर्ण शैक्षणिक विरासत का हिस्सा है। संस्थान में वर्तमान में लगभग 1600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और इसकी क्षमता को बढ़ाकर 3000 विद्यार्थियों तक करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। संस्थान में प्रवेश कैट एवं मैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर होता है। उन्होंने कहा कि 'गंगा टू ग्लोबल' की अवधारणा के तहत बिहार के विद्यार्थियों को देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों की कार्यप्रणाली, ज्ञान और विशेषताओं से परिचित कराया जाएगा। प्रत्येक सत्र में लगभग 100 विद्यार्थियों को एक महीने का एक्सपोजर विजिट कराया जायेगा। विदेश के अच्छे संस्थानों से बच्चों को सीखने का अवसर देने की दिशा में पहल की जा रही है। ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान की जमीन की कमी को पूरा करने के लिये भवन निर्माण विभाग के प्रस्तावित 1 एकड़ भूमि को संस्थान को दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों की स्थापना कर दी गयी है। 15 जुलाई को जो 211 डिग्री कॉलेजों की शुरूआत की गयी वहां 10 अगस्त से शिक्षकों के योगदान के साथ ही पढ़ाई प्रारंभ हो चुकी है। 551 माडल स्कूलों की शुरूआत की गयी है। 15 अगस्त से रात्रि 11 के बाद भी बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर शिक्षकों से प्रश्न पूछ सकते हैं और परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गौरवशाली मगध के इतिहास और विरासत को पुनः वैश्विक पहचान दिलाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बिहार के युवा देश-दुनिया में कहीं भी रहें, अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहें और बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि नए टाउनशिप के विकास के क्रम में एलएनएमआई को 10 एकड़ भूमि सेटेलाइट कैम्पस की स्थापना हेतु उपलब्ध कराई जाएगी। संस्थान में विद्यार्थियों के लिए एआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेस की स्थापना भी की जाएगी। संस्थान में क्वांटम कम्प्यूटर सेंटर की स्थापना की जायेगी। विद्यार्थियों को आधुनिक नीति निर्माण, शहरी विकास, प्रशासन एवं शासन व्यवस्था से जुड़े विषयों में बेहतर अध्ययन और शोध के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। हर क्षेत्र में तकनीक की भूमिका बढ़ रही है। एआई का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। बिहार में बाढ़ प्रबंधन के लिये बेहतर कार्य किया गया है। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में नदी जोड़ो योजना की शुरूआत की गयी। हमने कोशी, नारायणी और गंगा नदी बेसिन को ठीक करने को कहा है ताकि बेहतर जल प्रबंधन किया जा सके। बेहतर जल प्रबंधन का नतीजा है कि अभी 44 लाख हेक्टेयर सिंचित भूमि बिहार में है। 200 किलोमीटर का मेरीन ड्राइव वर्ष 2030 तक पीपीपी मोड में बनाया जा रहा है। इस पर एक लाख करोड़ रूपये का निवेश किया जा रहा है। बिहार को समृद्ध बनाने के लिये उद्योग का विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि बच्चे अच्छे ढंग से पढ़ाई करें, जीवन में आगे बढ़ना है तो अच्छे ढंग से शिक्षा प्राप्त करनी है। अपने सपनों को पूरा करने के लिये पूरा प्रयास करें। सभी छात्र-छात्राओं को शुभकानायें देता हूँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।
कार्यक्रम में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव-सह-ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान की निदेशक डॉ एन विजय लक्ष्मी ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान पर आधारित एक लघु फिल्म दिखायी गयी।
कार्यक्रम को नगर विकास एवं आवास-सह-सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव-सह-ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान की की निदेशक डॉ एन विजयलक्ष्मी, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शरद कुमार यादव ने भी संबोधित किया। 2026 बैच में नामांकन लेनेवाले तीन छात्र-छात्राओं ने भी अपनी बातें रखी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन सहित अन्य वरीय अधिकारी तथा ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।











