गन्ना यंत्रीकरण योजना: 4,600 किसानों और 110 किसान समूहों ने किए ऑनलाइन आवेदन
बिहार में गन्ने की खेती को आधुनिक, कम लागत वाली और अधिक उत्पादक बनाने के उद्देश्य से गन्ना उद्योग विभाग द्वारा गन्ना यंत्रीकरण योजना, वित्तीय वर्ष 2026–27 संचालित की जा रही है।

बिहार में गन्ने की खेती को आधुनिक, कम लागत वाली और अधिक उत्पादक बनाने के उद्देश्य से गन्ना उद्योग विभाग द्वारा गन्ना यंत्रीकरण योजना, वित्तीय वर्ष 2026–27 संचालित की जा रही है। योजना के तहत किसानों को गन्ने की खेती में उपयोग होने वाले 44 विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है। अब तक 4,600 से अधिक किसानों एवं 110 किसान समूहों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जा चुका है।
गन्ने की खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से भूमि तैयारी, बुवाई, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, कटाई एवं फसल अवशेष प्रबंधन जैसे कार्य कम समय और कम लागत में पूरे किए जा सकते हैं। इससे किसानों की श्रम लागत कम होने के साथ-साथ खेती की दक्षता, उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार होगा।
राज्य में अभी भी बड़ी संख्या में गन्ना किसान पारंपरिक कृषि पद्धतियों पर निर्भर हैं। इसके कारण खेती में अधिक श्रम और समय लगता है तथा उत्पादन एवं उत्पादकता प्रभावित होती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य गन्ना खेती की लागत कम करना, किसानों की आय बढ़ाना, कृषि कार्यों को समय पर पूरा करना, उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार करना तथा चीनी मिलों को गुणवत्तापूर्ण गन्ने की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
गन्ना किसानों को चयनित कृषि यंत्रों की खरीद पर अधिकतम 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान, अर्थात अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों एवं सेट ट्रीटमेंट डिवाइस पर सामान्य श्रेणी के किसानों को 75 प्रतिशत तक, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के गन्ना किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुँच बढ़ाने के लिए योजना में यंत्र बैंक की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पात्र किसान समूह एवं संस्थाएं 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर 80 प्रतिशत अनुदान अथवा अधिकतम 8 लाख रुपये तक की सहायता प्राप्त कर सकती हैं। यंत्र बैंक स्थापित करने के लिए पैक्स, जीविका समूह, आत्मा से पंजीकृत किसान समूह, किसान उत्पादक संगठन, पंजीकृत एग्रीटेक कंपनी / सोसायटी, एग्रीकल्चरल टेक्निकल सर्विस प्रोवाइडर, अनुज्ञप्ति प्राप्त गुड़ उद्यमी, चीनी मिलें तथा गन्ने से संबंधित सरकारी संस्थान पात्र हैं।
योजना के तहत वे गन्ना किसान आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास वैध गन्ना किसान आईडी उपलब्ध है। एक किसान अधिकतम तीन कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त कर सकता है। इसके अतिरिक्त इच्छुक किसान और कोई भी व्यक्ति गन्ना जूसर मशीन जैसे मूल्य संवर्धन से संबंधित यंत्रों के लिए भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक गन्ना किसान विभागीय केन केयर पोर्टल (ccs.bihar.gov.in) अथवा सुमेक पोर्टल (sugarcanemech.bihar.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यंत्र बैंक की स्थापना के लिए पात्र किसान समूह एवं संस्थाएं भी सुमेक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। विभाग का लक्ष्य है कि गन्ना खेती में यंत्रीकरण का विस्तार कर खेती की लागत एवं श्रम पर निर्भरता कम की जाए, कृषि कार्य समय पर पूरे हों तथा किसानों की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं आय में वृद्धि हो।










