नेपाल में बाढ़ के मद्देनजर कृषि मंत्री की अपील, सतर्क रहे अधिकारी, किसान तक पहुंचाए सूचना
नेपाल में हुई आकस्मिक एवं भीषण बाढ़ के मद्देनजर बिहार में संभावित जलप्रवाह और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।

नेपाल में हुई आकस्मिक एवं भीषण बाढ़ के मद्देनजर बिहार में संभावित जलप्रवाह और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से नेपाल की सीमा से लगे जिलों तथा गंडक नदी के प्रवाह क्षेत्र वाले जिलों में स्थिति की लगातार निगरानी करने और किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहने को कहा गया है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद गंडक सहित अन्य नदियों के जलस्तर में बदलाव की आशंका को देखते हुए बिहार में प्रशासनिक स्तर पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
कृषि मंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में किसानों की फसलों, कृषि परिसंपत्तियों और आजीविका की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए कृषि विभाग के पदाधिकारी जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन तंत्र के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति पर निरंतर नजर रखें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि सीमावर्ती एवं गंडक नदी से प्रभावित जिलों में कृषि विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्र भ्रमण कर स्थिति का जायजा लें। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसल एवं कृषि परिसंपत्तियों की स्थिति की सतत् निगरानी की जाए। किसानों को संभावित बाढ़ की स्थिति में समय रहते आवश्यक सावधानियों एवं उपलब्ध सरकारी सहायता की जानकारी दी जाए। कृषि यंत्र, बीज, उर्वरक सहित किसानों से संबंधित आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर फसल क्षति का त्वरित आकलन कर विभाग को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई शीघ्र की जा सके। कृषि विभाग के पदाधिकारी स्थानीय प्रशासन, जल संसाधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। इसके अलावा नेपाल से आने वाली किसी भी सूचना अथवा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए बिना किसी विलंब के आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान संकट की घड़ी में अकेला महसूस न करें, यह सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि वे केवल कार्यालय से स्थिति की समीक्षा न करें। बल्कि सतत् रूप से स्थलीय निरीक्षण करें और किसानों की समस्याएं सुनें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि ‘प्राकृतिक आपदा का सामना केवल प्रशासनिक व्यवस्था से नहीं बल्कि संवेदनशीलता, तत्परता और सामूहिक प्रयास से किया जाता है। हमारे किसान हमारी प्राथमिकता हैं। बाढ़ की स्थिति में एक-एक किसान की चिंता हमारी चिंता है। कृषि विभाग का प्रत्येक पदाधिकारी किसानों के साथ खड़ा रहे और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए तैयार रहे।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों से अपील की कि वे पूरी सजगता के साथ कार्य करें तथा ‘सतर्कता, समन्वय और संवेदनशीलता को अपना मूल मंत्र बनाकर किसानों के हित में कार्य करें। किसान किसी भी प्रकार की सहायता एवं जानकारी के लिए किसान कॉल सेन्टर 1800-180-1551 पर सम्पर्क कर सकते हैं।










