मुकेश सहनी को यूपी प्रशासन ने फिर थमाया नोटिस, हाउस अरेस्ट की समय सीमा बढ़ाई
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक बार फिर नोटिस थमाया गया है। अब समय सीमा को 12 घंटे बढ़ाते हुए 30 जून की रात 12 बजे तक घर में नजरबंद कर दिया गया है। मुकेश सहनी ने कहा कि उन्हें थाना सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ के प्रभारी निरीक्षक द्वारा नोटिस देकर उनके आवास से बाहर नहीं निकलने का आदेश दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि उनके शाहजहांपुर भ्रमण से राजनीतिक एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी अपराध और बिना किसी कानून का उल्लंघन किए केवल जनता के बीच जाने से रोकना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि पहले 12 बजे दिन तक ही उन्हें घर में नजरबंद किया गया था और अब इसकी सीमा और 12 घंटे बढ़ा दी गयी है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार जनता के मुद्दों और विपक्ष की आवाज से घबराई हुई है। लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि को लोगों से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने का अधिकार है, लेकिन सरकार प्रशासन का दुरुपयोग कर इस अधिकार को कुचलने का प्रयास कर रही है। सहनी ने कहा कि निषाद, मछुआरा और वंचित समाज की आवाज को किसी नोटिस या नजरबंदी से दबाया नहीं जा सकता। वीआईपी का संघर्ष सामाजिक न्याय, समान अधिकार और संविधान की रक्षा के लिए जारी रहेगा।
सहनी का कहना था कि जनता सब कुछ देख रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने वालों को समय आने पर जवाब मिलेगा। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी तथा जनता के अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
Trending News