मोतिहारी में अतिक्रमण हटाने के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा, छत पर चढ़कर युवक ने डाल लिया पेट्रोल, आत्मदाह...
मोतिहारी जिले के तुरकौलिया थाना क्षेत्र में हाई कोर्ट के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक अतिक्रमणकारी युवक ने अपने घर की छत पर चढ़कर पेट्रोल डाल लिया और आत्मदाह की धमकी देने लगा।
मोतिहारी जिले के तुरकौलिया थाना क्षेत्र में हाई कोर्ट के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक अतिक्रमणकारी युवक ने अपने घर की छत पर चढ़कर पेट्रोल डाल लिया और आत्मदाह की धमकी देने लगा। इस घटना ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
घटना तुरकौलिया चौक के पास की है, जहां लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर लंबे समय से करीब 15 से अधिक लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया था। इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद न्यायालय ने संबंधित जमीन को खाली कराने का आदेश दिया। इसी आदेश के अनुपालन में तुरकौलिया के अंचलाधिकारी (सीओ) संतोष कुमार पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई शुरू होते ही एक युवक, जिसकी पहचान कथित तौर पर ग्रामीण चिकित्सक डी. आलम के रूप में हुई है, अचानक अपने घर का दरवाजा बंद कर छत पर चढ़ गया। वह अपने साथ पेट्रोल का गैलन लेकर गया था और देखते ही देखते उसने अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया। युवक जोर-जोर से चिल्लाते हुए प्रशासन को चुनौती देने लगा और मकान तोड़े जाने पर आत्मदाह करने की धमकी देने लगा। उसने अपने मकान के बदले मुआवजे की मांग भी रखी।
यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत समझाइश का प्रयास शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम छत पर पहुंची और युवक को शांत कर सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही। इस दौरान बड़ी अनहोनी टल गई। सीओ संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए मकानों के लिए किसी प्रकार के मुआवजे का प्रावधान नहीं है।
उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देश पर ही यह कार्रवाई की जा रही है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। हालांकि, अचानक हुई बारिश के कारण अतिक्रमण हटाने का काम फिलहाल रोक दिया गया है, जिसे बुधवार को पुनः शुरू किया जाएगा। वहीं सदर एसडीओ निशांत सिहारा ने कहा कि न्यायालय के आदेश का पालन करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति इस कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर ...सोहराब आलम .. जिला पूर्वी चम्पारण
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