मुख्यमंत्री ने कहा- अजगैबीनाथ धाम व सोनपुर एयरपोर्ट परियोजनाओं के कार्य में लाएं तेजी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज अजगैबीनाथ धाम एवं सोनपुर/सारण में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तुतीकरण एवं समीक्षा बैठक लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में आयोजित की गई।

पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज अजगैबीनाथ धाम एवं सोनपुर/सारण में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तुतीकरण एवं समीक्षा बैठक लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में आयोजित की गई। बैठक में ग्रीनफील्ड हवाईअड्डों के टेक्नो इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट्स/ट्रैफिक सर्वे, दोनों परियोजनाओं के मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, एयरपोर्ट की क्षमता, कनेक्टिविटी एवं आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि अजगैबीनाथधाम ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे में पहले फेज में 3500 करोड़ रुपए और सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल हवाईअड्डे में पहले फेज में 6500 करोड़ रुपए का निवेश पीपीपी मोड पर होना है। राज्य सरकार भू-अर्जन व कनेक्टिविटी की लागत पर वहन करेगी।
बैठक में बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत एयरपोर्ट परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर चर्चा की गई
बैठक में बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत एयरपोर्ट परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने व सभी आवश्यक कार्यों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। अजगैबीनाथ धाम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के मास्टर प्लान पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एयरपोर्ट की आधारभूत संरचना एवं रन-वे का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां बड़े विमानों का संचालन संभव हो सके। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट के विकसित होने से क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा- अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट से कई जिलों को बेहतर हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट से मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया, बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को बेहतर हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुविधा मिलेगी। बैठक में सोनपुर/सारण एयरपोर्ट के मास्टर प्लान की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस एयरपोर्ट को बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाए। एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने व यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रस्तावित सोनपुर/सारण एयरपोर्ट से बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी हवाई संपर्क का लाभ मिलने की संभावना है। बैठक में एयरपोर्ट को राज्य के हवाई संपर्क एवं आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के रूप में विकसित करने पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा- दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के विकास से हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के विकास से हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं एवं निर्माण संबंधी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए व परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाए। बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचन्द्र देवड़े सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।










