बिहार के गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, कृषि यंत्र देगी सरकार, 8 लाख तक मदद भी
बिहार सरकार ने गन्ना किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के लिए ₹34.60 करोड़ की 'गन्ना यंत्रीकरण योजना' को मंजूरी दी है।
बिहार सरकार ने गन्ना किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के लिए ₹34.60 करोड़ की 'गन्ना यंत्रीकरण योजना' को मंजूरी दी है। इस महत्त्वाकांक्षी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्यभर में 3,218 आधुनिक कृषि यंत्र बांटे जाएंगे और 80 नए 'यंत्र बैंक' स्थापित होंगे। इसका उद्देश्य खेती की लागत कम करना, गन्ना उत्पादन बढ़ाना और आधुनिक मशीनों तक हर किसान की पहुँच सुनिश्चित करना है।
राज्य में गन्ना खेती के यंत्रीकरण के लिए 80 नए यंत्र बैंक स्थापित होंगे, जिसके लिए चीनी मिलें एवं किसान समूह आवेदन कर सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को महंगे उपकरण किराये पर उपलब्ध कराना है। नियमानुसार, प्रत्येक बैंक में न्यूनतम 7 यंत्र अनिवार्य होंगे, जिनमें सुगरकेन, कटर प्लांटर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, ट्रेंच ओपेनर आदि शामिल रहेंगे। इस योजना से सीमांत एवं छोटे किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा, जो महंगे उपकरण नहीं खरीद पाते। अब वे बुआई, फसल प्रबंधन, कीट नियंत्रण और कटाई के लिए किफायती किराये पर आधुनिक मशीनें ले सकेंगे। सरकार मशीनों की खरीद पर सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है।
यंत्र बैंक के लिए ₹8 लाख तक की सहायता, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक खेती के लिए फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों पर 75 प्रतिशत और बीज उपचार यंत्रों पर सर्वाधिक 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, यंत्र बैंक स्थापित करने वाले किसानों या समूहों को अधिकतम ₹8 लाख तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। पारदर्शिता के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। सत्यापन के बाद अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। बिचौलियों से मुक्त यह पारदर्शी व्यवस्था गन्ना उद्योग और किसानों के विकास को नई दिशा देगी।
बिहार सरकार गन्ने की खेती को आधुनिक और लाभदायक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ₹34.60 करोड़ की इस योजना का सीधा लाभ छोटे किसानों को मिलेगा। नए यंत्र बैंक कम लागत में आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाएंगे।
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