संसदीय स्थायी समिति ने नालंदा विश्वविद्यालय का किया दौरा, 31 में से 26 सदस्य पहली बार पहुंचे
बिहार दौरे पर पहुंची संसद की स्थायी समिति के सदस्यों ने ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। मनोज तिवारी ने बताया कि समिति में कुल 31 सदस्य हैं, जिनमें से 26 सदस्य पहली बार नालंदा विश्वविद्यालय पहुंचे हैं।

बिहार दौरे पर पहुंची संसद की स्थायी समिति के सदस्यों ने ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर सदस्यों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर नालंदा के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान स्वरूप की जानकारी ली।
संसदीय स्थायी समिति के इस दौरे का उद्देश्य बिहार की समृद्ध संस्कृति, विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से जानना तथा उनके संरक्षण और वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार की संभावनाओं को समझना है। समिति के सदस्य नालंदा विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ इसके वर्तमान शैक्षणिक स्वरूप से भी रूबरू हुए।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि नालंदा ऐतिहासिक धरती पर स्थित ऐतिहासिक विश्वविद्यालय है। प्राचीन काल में नालंदा की जो ख्याति पूरी दुनिया में थी, उसी स्वरूप और प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी दृष्टिकोण से संसदीय स्थायी समिति नालंदा विश्वविद्यालय का भ्रमण कर रही है।
मनोज तिवारी ने बताया कि समिति में कुल 31 सदस्य हैं, जिनमें से 26 सदस्य पहली बार नालंदा विश्वविद्यालय पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि समिति की पूरी कोशिश है कि नालंदा विश्वविद्यालय को उसका पुराना वैश्विक यश और गौरव फिर से दिलाया जाए।
वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बिहार दौरे के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय पहुंचना उनके लिए शानदार अनुभव है। इस दौरे में अलग-अलग राज्यों से लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हुए हैं। उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय की जमकर सराहना करते हुए कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान का भ्रमण अपने आप में ज्ञानवर्धक अनुभव होता है। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बिहार पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध है।
राज्य की संस्कृति और विरासत की पूरी दुनिया में बेहतर ब्रांडिंग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार के गौरव को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राज्य और देश के लिए उसके विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। संसदीय स्थायी समिति के इस दौरे से नालंदा की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में इसकी वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नालंदा से मिथुन कुमार की रिपोर्ट











