छात्र आंदोलन को लेकर पूर्व विधायक ने जताई आपत्ति, पुलिसकर्मियों पर हमले की निंदा
नालंदा। बिहार शांति मिशन के अध्यक्ष एवं नालंदा के पूर्व बाहुबली विधायक रामनरेश सिंह ने हालिया छात्र आंदोलन और उसके दौरान हुई घटनाओं को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है।

नालंदा। बिहार शांति मिशन के अध्यक्ष एवं नालंदा के पूर्व बाहुबली विधायक रामनरेश सिंह ने हालिया छात्र आंदोलन और उसके दौरान हुई घटनाओं को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर आंदोलन को राजनीतिक रंग देने तथा सुरक्षा बलों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
रामनरेश सिंह ने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन होना चाहिए। उन्होंने सोनम वांगचुक के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अनुसार वांगचुक ने अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पर जोर दिया था। हालांकि, पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि बाद में छात्र आंदोलन के नाम पर कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
पूर्व विधायक ने सुरक्षा में तैनात पुलिस एवं अन्य जवानों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं को गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी घायल हुए और उनके परिवारों में भी आक्रोश है। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों पर कार्रवाई के दौरान निर्दोष छात्रों को चोट पहुंचने की घटनाएं भी दुखद हैं, लेकिन सुरक्षा बलों पर हमला किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक की शिकायतें देश के विभिन्न हिस्सों से पहले भी सामने आती रही हैं और संबंधित सरकारों ने अपने-अपने स्तर पर कार्रवाई की है। उनके अनुसार, छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और कानूनसम्मत प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।
रामनरेश सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव तथा आम आदमी पार्टी के नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं से जुड़े कुछ समर्थकों ने सुरक्षा बलों के साथ दुर्व्यवहार किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं की जा सकती है।
पूर्व विधायक ने 1984 के सिख विरोधी हिंसा का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह द्वारा कथित तौर पर हिंसा रोकने के लिए प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि इतिहास की ऐसी घटनाओं से राजनीतिक नेतृत्व को सबक लेना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।रामनरेश सिंह ने राजनीतिक नेताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने समर्थकों को कानून-व्यवस्था का सम्मान करने और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान भी इसी देश के नागरिक हैं और उनके सम्मान तथा सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए।अपने बयान के अंत में पूर्व विधायक ने राजनीतिक दलों को संयम बरतने की सलाह दी और कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा या टकराव से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है। उन्होंने छात्र हितों से जुड़े मामलों का समाधान बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किए जाने पर जोर दिया।
नालंदा से मिथुन कुमार सिंह की रिपोर्ट












