मोतिहारी में 138 फीट का महावीरी झंडा बना आकर्षण का केंद्र, हिंदू-मुस्लिम समेत सभी वर्गों के लोग शामिल
पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड के जिहुली गांव में नागपंचमी के अवसर पर 138 फीट ऊंचा महावीरी झंडा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आजादी के समय से चली आ रही इस परंपरा में हर वर्ष भव्य झंडा और अखाड़े का आयोजन किया जाता है।

पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड के जिहुली गांव में नागपंचमी के अवसर पर 138 फीट ऊंचा महावीरी झंडा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आजादी के समय से चली आ रही इस परंपरा में हर वर्ष भव्य झंडा और अखाड़े का आयोजन किया जाता है। इस बार भी मुखिया नीकु सिंह के नेतृत्व में विशाल झंडे का निर्माण किया गया।
झंडे को खड़ा करने के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने मिलकर काफी मेहनत की। जैसे ही विशाल झंडा आसमान को छूता हुआ खड़ा हुआ, पूरा इलाका जयकारों और उत्साह से गूंज उठा। इसके बाद अखाड़े में युवाओं ने लाठीबाजी, तलवारबाजी और विभिन्न पारंपरिक करतब दिखाए।
इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें हिंदू-मुस्लिम समेत सभी वर्गों के लोग सामाजिक सद्भाव के साथ शामिल होते हैं। दूर-दराज से भी लोग इस अनूठे आयोजन को देखने पहुंचते हैं। विशाल झंडे के निर्माण में महीनों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च होते हैं। आयोजन समिति के अनुसार, यह परंपरा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे का प्रतीक है।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट











