आज शाम जारी हो सकता है BPSC TRE-4 का विज्ञापन, STET अभ्यर्थी भी भर सकेंगे फॉर्म

शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। BPSC TRE-4 का विज्ञापन आज शाम जारी हो सकता है। बिहार लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन की तैयारी पूरी कर ली है। शुरुआत में शिक्षा विभाग की 32,388 सीटों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होने की बात कही जा रही है। हालांकि, बाद में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। एसटीईटी अभ्यर्थी भी फॉर्म भर सकेंगे। एसटीईटी अभ्यर्थियों को फॉर्म आई डी सबमिट करना होगा।
BPSC TRE-4 में मैथिली समेत कुछ अन्य विषयों में भी सीटें बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। फ़िलहाल 32,388 सीटों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होने की बात कही जा रही है। अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए 1 सितंबर से 30 सितंबर तक का समय दिया जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त अधियाचना पर सारा काम फाइनल हो चुका है। आज शाम तक 32,388 शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इस भर्ती में सबसे अधिक 16,101 पद 11वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर भी बड़ी संख्या में रिक्तियां निकाली गई हैं।
BPSC TRE-4 में पदों की संख्या
कक्षा 1 से 5 : 3,847 पद
कक्षा 6 से 8 : 8,563 पद
कक्षा 9 से 10 : 3,877 पद
कक्षा 11 से 12 : 16,101 पद
कुल पद : 32,388
बता दें कि BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने को लेकर पिछले कई हफ्तों से विवाद चल रहा था। अभ्यर्थी लगातार भर्ती नोटिफिकेशन जारी करने की मांग कर रहे थे। राजधानी पटना में इसी मुद्दे को लेकर आज छात्रों का प्रदर्शन भी है। इस बीच बड़ी खबर आ रही है कि BPSC की तरफ से कभी भी नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है। वहीं छात्र नेता दिलीप कुमार का कहना है कि अब हम लोगों की मांग है कि या तो एकल परीक्षा के साथ नोटिफिकेशन जारी किया जाए, या फिर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी इस्तीफा दें।
छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अभ्यर्थी गर्दनीबाग में डटे हुए हैं। उनकी साफ मांग है कि TRE-4 का विज्ञापन तुरंत जारी हो, सिंगल फेज परीक्षा हो और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी इस्तीफा दें। गर्दनीबाग धरना स्थल पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि अगर आज शाम तक आधिकारिक विज्ञापन नहीं आया तो अनशन और तेज किया जाएगा। माना जा रहा है कि सरकार दिल्ली और झारखंड के आंदोलनों से सबक लेते हुए जल्द फैसला लेना चाहती है, ताकि बिहार में कोई बड़ा विवाद न खड़ा हो।











