INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले बड़ा झटका, SP प्रमुख ने बनायी दूरी ?
उत्तर प्रदेश सहित देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच दिल्ली में 'इंडिया ब्लॉक' की बैठक बुलाई गई है। बुधवार यानी 30 सितंबर को इंडिया ब्लॉक से जुड़े तमाम दल और बड़े नेता दिल्ली में जुट रहे हैं।

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश सहित देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच दिल्ली में 'इंडिया ब्लॉक' की बैठक बुलाई गई है। बुधवार यानी 30 सितंबर को इंडिया ब्लॉक से जुड़े तमाम दल और बड़े नेता दिल्ली में जुट रहे हैं। इस बड़ी बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। ऐसे में सभी की निगाहें 'इंडिया ब्लॉक ' की बैठक पर रहने वाली हैं।
बैठख में SIR और चुनाव के खिलाफ तय करेंगे रणनीति
एसआईआर में 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम काटे जाने और चुनाव आयोग के भीतर मचे बवाल के बाद ममता बनर्जी से लेकर उद्धव ठाकरे तक सभी ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति तय करेंगे। लेकिन इस सबसे अहम बैठक से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दूरी बना ली है। अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह इंडिया ब्लॉक की बैठक में नहीं जा रहे हैं, उनकी जगह पार्टी का कोई नेता सपा का प्रतिनिधित्व करेगा। लेकिन उनके इस ऐलान ने कांग्रेस के कान खड़े कर दिए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन की बैठक से क्यों दूरी बना रहे हैं?
INDIA ब्लॉक की बैठक से अखिलेश ने बनाई दूरी?
कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया ब्लॉक की बुधवार को नई दिल्ली में बैठक बुलाई गई है, जिसमें तमाम विपक्षी नेता शिरकत करेंगे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव खुद शामिल होने के बजाय पार्टी के अन्य नेताओं को भेज रहे हैं। सपा की मानें तो अखिलेश यादव राज्यसभा चुनाव को लेकर व्यस्त हैं। पार्टी उम्मीदवारों के चयन के लिए उनकी कई बैठकें प्रस्तावित हैं। अखिलेश इस वक्त कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से आमना-सामना करने से बचना चाहते हैं। अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी अगर एक साथ दिखे तो फिर चर्चा सीट शेयरिंग और कांग्रेस-सपा के बीच मचे घमासान पर आ जाएगी।
कांग्रेस के दबाव में न आने का सपा का प्लान?
कांग्रेस पार्टी लगातार सीट शेयरिंग का दबाव बना रही है कि जल्द से जल्द यूपी में सीटें तय की जाएं। कांग्रेस और सपा के बीच सीटों की संख्या और सीटों के नाम फाइनल हो जाएं, वरना देर होने से कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान हो जाएगा। इमरान मसूद से लेकर तमाम कांग्रेसी नेता यह बात कह रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव फिलहाल ऐसी किसी चर्चा से बचना चाहते हैं, वह तुरंत सीट शेयरिंग के मूड में नहीं हैं। माना जा रहा है कि इंडिया गठबंधन की बैठक से दूर रहने का फैसला फिलहाल सीट शेयरिंग को टालने से जुड़ा हुआ है। हालांकि, सपा की रणनीति है कि इंडिया ब्लॉक की बैठक में अपने वरिष्ठ नेताओं के जरिए कांग्रेस के सामने चार मांगें जरूर रखी जाएं।
अखिलेश सीट शेयरिंग को क्यों टाल रहे हैं?
वहीं अखिलेश यादव ने एक और खुलासा किया है कि मल्लिकार्जुन खड़गे से उनकी बात हुई है। यानी कांग्रेस पार्टी अब शीर्ष स्तर पर भी सीटों के बंटवारे पर दबाव बना रही है। ऐसे में चर्चा यह है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते में अखिलेश यादव की मुलाकात मल्लिकार्जुन खड़गे से हो सकती है। लेकिन कांग्रेस को लेकर अखिलेश यादव बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं।










