भाजपा पहले वादों का हिसाब दे, फिर नेहरू पर टिप्पणी करे : आलोक दूबे

भाजपा पहले वादों का हिसाब दे, फिर नेहरू पर टिप्पणी करे : आलोक दूबे

भाजपा पहले वादों का हिसाब दे, फिर नेहरू पर टिप्पणी करे : आलोक दूबे
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 09, 2026, 6:27:00 PM

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा के दावों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता या सरकार का मूल्यांकन केवल लंबे समय तक सत्ता में बने रहने से नहीं किया जा सकता, बल्कि यह देखा जाना चाहिए कि उस अवधि में देश और आम नागरिकों के जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव आए।

दूबे ने कहा कि भाजपा लगातार प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की अवधि को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, लेकिन जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि इन वर्षों में रोजगार, महंगाई, कृषि और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का वास्तविक प्रदर्शन क्या रहा। उनके अनुसार इतिहास में स्थान केवल रिकॉर्ड बनाने से नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास में ठोस योगदान से मिलता है।

कांग्रेस नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत को आधुनिक दिशा देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने कहा कि नेहरू ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती देने, संवैधानिक मूल्यों को स्थापित करने और देश में संसदीय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का काम किया। साथ ही स्वतंत्र भारत के पहले आम चुनावों के सफल आयोजन ने भारत को वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक पहचान दिलाई।

शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में नेहरू की पहल का जिक्र करते हुए दूबे ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) जैसे संस्थानों की स्थापना ने देश में उच्च शिक्षा की मजबूत नींव रखी। उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में शुरुआती संस्थागत ढांचा तैयार करने का श्रेय भी नेहरू युग को जाता है, जिसका लाभ भारत आज वैश्विक मंच पर उठा रहा है।

आर्थिक विकास के संदर्भ में उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध विकास मॉडल के तहत कृषि, उद्योग और आधारभूत संरचना को समान महत्व दिया गया। भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर जैसे इस्पात संयंत्रों के साथ-साथ भाखड़ा नांगल और हीराकुंड जैसी बड़ी परियोजनाओं ने देश की औद्योगिक और कृषि क्षमता को नई दिशा दी।

दूबे ने विदेश नीति में भी नेहरू के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन की अवधारणा ने भारत को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में स्वतंत्र पहचान प्रदान की। उनके मुताबिक आज जिन संस्थानों, औद्योगिक ढांचों और वैज्ञानिक उपलब्धियों पर देश गर्व करता है, उनकी आधारशिला स्वतंत्रता के शुरुआती दशकों में रखी गई थी।

भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों को बदलने या पूर्व नेताओं के योगदान को कमतर दिखाने की कोशिशों से वास्तविकता नहीं बदल सकती। उन्होंने दावा किया कि आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

केंद्र सरकार से जवाब मांगते हुए दूबे ने बेरोजगारी, किसानों की आय, बढ़ती महंगाई और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने पूछा कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के वादों का क्या हुआ। साथ ही उन्होंने मणिपुर हिंसा, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों पर भी सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए।

अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि देश की जनता अब केवल प्रचार अभियानों से प्रभावित नहीं होगी, बल्कि शासन के वास्तविक परिणामों का आकलन करेगी। उनके अनुसार नागरिक रोजगार, शिक्षा, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर ठोस जवाब चाहते हैं।