दीपक प्रकाश बांकीपुर से लड़ेंगे चुनाव? बड़ा दावा, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे का मंत्री पद खतरे में...
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का मंत्री पद खतरे में है। इस बीच आरएलएम की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि दीपक प्रकाश को बीजेपी बांकीपुर विधानसभा से उम्मीदवार बना सकती है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का मंत्री पद खतरे में है। सम्राट चौधरी सरकार में उनका पंचायती राज मंत्री बने रहना मुश्किल दिख रहा है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने उन्हें विधान परिषद चुनाव में कैंडिडेट नहीं बनाया, जिससे उनकी कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। दीपक प्रकाश को 6 महीने के अंदर किसी सदन का सदस्य बनना पड़ेगा। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक़ दीपक प्रकाश को मंत्री बने रहने के लिए छह महीने के अंदर किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है।
बिहार में विधान परिषद के लिए अगला चुनाव मार्च 2027 में होगा। ऐसे में मंत्री पद बचाए रखने के लिए दीपक प्रकाश के सामने विधान सभा का सदस्य बनने का एक विकल्प है। बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद और राज्यसभा जाने के बाद नितिन नवीन के इस्तीफे से यह सीट खाली हुई है। इस बात की उम्मीद बिल्कुल नहीं है कि बीजेपी अपनी इस सेफ सीटिंग सीट से दीपक प्रकाश को मौका देगी। हालांकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि दीपक प्रकाश को बीजेपी बांकीपुर विधानसभा से उम्मीदवार बना सकती है।
माना जाता है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर कुशवाहा समाज की बड़ी आबादी है। एक अनुमान के अनुसार बांकीपुर विधानसभा सीट पर लगभग 30 हजार कुशवाहा आबादी है। यह आंकड़ा किसी भी सीट पर चुनाव को प्रभावित करने के लिए काफी होता है। हालांकि बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। भाजपा को लगता है कि कोई भी शक्ति उसे हरा नहीं सकती है। जन सुराज पार्टी भी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ने की योजना बना रही है, जिसमें प्रशांत किशोर के उम्मीदवार होने की संभावना है। प्रशांत किशोर ने भी कहा है कि जन सुराज भी यहां से चुनाव लड़ेगा। ऐसे में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव दिलचस्प हो सकता है।
वहीं दीपक प्रकाश के मंत्रिमंडल में भविष्य को लेकर सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पटना से दिल्ली रवाना होने के पहले उपेंद्र कुशवाहा को जब बीजेपी के अपने पुराने वादे की याद दिलाई गई, तो उन्होंने बीजेपी नेताओं से ही इस सवाल का जवाब मांगने के लिए कह दिया। कुशवाहा ने यह भी कहा था कि वो एनडीए में थे, एनडीए में हैं और एनडीए में रहेंगे। इस बयान से यह स्पष्ट है कि कुशवाहा एनडीए में टिके रहेंगे और भाजपा के साथ मोल-भाव करने में जुटे रहेंगे।
बता दें कि नितिन नवीन लंबे समय तक बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे हैं। दो दशक से अधिक समय तक बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्होंने 30 मार्च को त्यागपत्र दे दिया था। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद और राज्यसभा जाने के बाद नितिन नवीन के इस्तीफे से यह सीट खाली हुई है। अगर जातीय समीकरण की बात करें तो इस विधानसभा में सबसे अधिक कायस्थ वोटर हैं। कायस्थ वोटर के बाद इस क्षेत्र में वैश्य समाज की अच्छी संख्या है। इसके अलावा राजपूत, भूमिहार, कोयरी और एससी/एसटी की भी संख्या है।