पितृपक्ष मेला की गरिमा और भव्यता दिखाएं , तीन लाख रुपए तक का पुरस्कार पाएं
बिहार पर्यटन विभाग द्वारा गयाजी में आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 को देश-दुनिया तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने तथा मेले की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधी विशेषताओं को प्रस्तुत करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।

पटना: बिहार पर्यटन विभाग द्वारा गया जी में आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला-2026 को देश-दुनिया तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने तथा मेले की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधी विशेषताओं को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रतियोगिता पितृपक्ष मेला: एक इन्फ्लुएंसर की नजर से, आयोजित की गई है। इस प्रतियोगिता में किसी भी एक सोशल मीडिया हैंडल पर 25,000 फॉलोअर्स वाले कंटेंट क्रिएटर, ब्लॉगर, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर और रील मेकर के साथ आम लोग भी भाग ले सकते हैं।
प्रतिभागियों को पितृपक्ष मेला-2026, गयाजी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं, पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध तथा गयाजी के पर्यटन एवं विरासत स्थलों को अपने कैमरे की नजर से रचनात्मक वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत करना होगा। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गयाजी की सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा, लोकाचार और विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। डिजिटल कंटेंट के माध्यम से इन परंपराओं को नई पीढ़ी तथा देश-विदेश के पर्यटकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी। बिहार पर्यटन विभाग सभी डिजिटल क्रिएटर्स से इस पहल में भाग लेने और पितृपक्ष मेला-2026 की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को अपनी रचनात्मक दृष्टि से देश-दुनिया तक पहुंचाने का आह्वान करता है।
गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक पितृपक्ष मेला आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गयाजी पहुंचते हैं। पितृपक्ष मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और गयाजी की ऐतिहासिक विरासत को जानने-समझने का महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करता है। बिहार पर्यटन विभाग का प्रयास है कि डिजिटल क्रिएटर्स के माध्यम से इस आयोजन की विविध तस्वीरें और अनुभव देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचें। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागी अपनी रचनात्मकता के जरिए पितृपक्ष की परंपरा, गयाजी के धार्मिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति, लोगों, वातावरण और पर्यटन संभावनाओं को डिजिटल मंच पर प्रस्तुत कर सकेंगे।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए 25 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 की शाम पांच बजे तक प्रविष्टियां जमा करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनी प्रविष्टि ऑनलाइन जमा करनी होगी। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को बिहार पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट www.tourism.bihar.gov.in पर जाकर पंजीकरण एवं विस्तृत नियम-शर्तों की जानकारी प्राप्त करनी होगी। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को मूल एवं मौलिक कंटेंट तैयार करना है। प्रतिभागी पितृपक्ष मेला एवं गयाजी से जुड़े अपने रचनात्मक अनुभवों को फोटो, वीडियो, ब्लॉग, रील या अन्य निर्धारित डिजिटल प्रारूपों के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल मेले की तस्वीरें प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि पिंडदान और तर्पण की परंपरा, गया जी की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय जीवन, पर्यटन स्थलों और मेले के विविध आयामों को एक नए डिजिटल नजरिये से सामने लाना है।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट डिजिटल कंटेंट के लिए कुल 8.25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। इसमें प्रथम पुरस्कार 3,00,000 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2,00,000 लाख रुपये, तृतीय पुरस्कार 1,00,000 लाख रुपये है। इसके अलावे चतुर्थ पुरस्कार में 2 प्रतिभागियों को 50,000-50,000 हजार रुपये तथा प्रशंसा पुरस्कार के तहत पांच प्रतिभागियों को 25,000-25,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार प्रतियोगिता में कुल 10 प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।










