शोक प्रस्ताव से शुरू हुआ मानसून सत्र, दिवंगत नेताओं और शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन दिवंगत जनप्रतिनिधियों, देश के शहीद जवानों और विभिन्न दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू हुआ। सदन में शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से बीते सत्र के बाद दिवंगत हुईं कई प्रमुख हस्तियों को याद किया गया। सभी सदस्यों ने उनके योगदान को नमन करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शोक प्रस्ताव के दौरान पूर्व परिवहन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री तथा गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह, पूर्व पशुपालन मंत्री और धनबाद के पूर्व विधायक मन्नान मलिक, पूर्व विधायक बेनी प्रसाद गुप्ता और हरि राम, पूर्व खनन मंत्री लक्ष्मण राम तथा पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय के सार्वजनिक जीवन और योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
सदन ने राजनीति के साथ-साथ साहित्य, कला, पत्रकारिता, खेल और सामाजिक जीवन से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को भी याद किया। श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने वालों में डॉ. डी.वाई. पाटिल, भुवन चंद्र खंडूरी, सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले, शायर बशीर बद्र, संवैधानिक विशेषज्ञ सुभाष कश्यप, वरिष्ठ पत्रकार एच.के. दुआ, लोक कलाकार तीजन बाई, निशानेबाज जसपाल राणा, क्रिकेटर गोपीनाथ, खोरठा साहित्यकार सुरेश विश्वकर्मा तथा झारखंड आंदोलन से जुड़े कृष्ण कुमार महतो और दामू बांड्रा के नाम शामिल रहे।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को भी सदन ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उधमपुर सड़क दुर्घटना, लखनऊ अग्निकांड, असम की भीषण बाढ़ और नीट परीक्षा विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं को भी शोक प्रस्ताव में स्मरण किया गया। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए झारखंड सरकार ने तीन करोड़ रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई है।
कार्यवाही के दौरान मांडू विधायक निर्मल कुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं, हाथियों के हमलों, वज्रपात और खदान धंसने जैसी घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन हादसों में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है और सरकार से प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
शोक प्रस्ताव के समापन पर विधानसभा के सभी सदस्य अपने स्थान पर खड़े हुए और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर सामूहिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले दिन की कार्यवाही भावुक और गंभीर वातावरण में संपन्न हुई।





















