EOU का महाप्रहार! पूर्व DPO अजीत अमर के 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
सीवान में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सीवान जिले के दरौंदा थाना क्षेत्र के रैनी गांव स्थित तत्कालीन सारण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के पैतृक आवास पर छापेमारी की।

सीवान में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सीवान जिले के दरौंदा थाना क्षेत्र के रैनी गांव स्थित तत्कालीन सारण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के पैतृक आवास पर छापेमारी की। सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई देर तक जारी रही। छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और पूरे दिन हलचल का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, निगरानी विभाग के डीएसपी सी.पी. यादव के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से कार्रवाई कर रही है। यह छापेमारी केवल सीवान तक सीमित नहीं है, बल्कि सहरसा, सारण (छपरा) सहित कुल चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आर्थिक अपराध इकाई को अजीत अमर के खिलाफ आय से लगभग 72.35 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर दस्तावेजों, चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। EOU की इस कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें अजीत अमर पर सारण में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) के पद पर रहते हुए अवैध राशि वसूली के आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों की जांच के क्रम में आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष अभियान चलाते हुए कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी है तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की ओर से बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
पूरे राज्य की नजर इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई पर बनी हुई है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी और जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित है। आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
सीवान से नागेंद्र कुमार की रिपोर्ट





















