विधानसभा में हाईवोल्टेज ड्रामा! वेल में उतरे पक्ष-विपक्ष, सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

झारखंड विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे दोबारा शुरू हुई, लेकिन सदन की तस्वीर नहीं बदली। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते सत्ता पक्ष के सदस्य भी वेल में पहुंच गए, जिसके बाद पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नारेबाजी होने लगी।
इस शोर-शराबे के बीच सरकार ने झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व बजट संशोधन विधेयक सदन में पेश किया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधेयक को सदन के पटल पर रखा। विपक्ष के लगातार विरोध के बावजूद विधेयक पारित कर दिया गया।
CM ने विपक्ष पर साधा निशाना
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी सदन में मौजूद रहे और उन्होंने विपक्ष को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी अपेक्षाओं को पूरा करने में शायद कई जन्म लग जाएं।
मुख्यमंत्री ने जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और इसके पीछे कई स्तरों पर बुना गया एक जटिल तंत्र सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री ने जांच के दौरान उत्तर प्रदेश से जुड़े कथित षड्यंत्र और टीडीपीएल के यूपी से संबंध का भी उल्लेख किया।
हेमंत सोरेन ने कहा कि छात्रों के हित में सरकार की ओर से कई फैसले लिए गए हैं और सरकार की मंशा स्पष्ट है। उन्होंने विपक्ष के विरोध पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को समझाने का कोई लाभ नहीं है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिन की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जो कुछ हुआ, वह सभी ने देखा है।
हंगामे के बीच सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान भी विपक्षी विधायकों का विरोध जारी रहा। सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण सामान्य तरीके से कार्यवाही संचालित नहीं हो सकी।
स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इसके साथ ही मानसून सत्र के दौरान जेपीएससी-जेएसएससी विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव एक बार फिर सदन की कार्यवाही पर हावी रहा।











