नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी ने एप्लीकेशन पर लगाईं रोक, कुलपति प्रोफेसर ने दिया जवाब
पलामू: जिले के हुसैनाबाद स्थित एके सिंह डिग्री कॉलेज और तरहसी के एसएसएमएस डिग्री कॉलेज के एप्लीकेशन को नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी ने रोक दिया है।

पलामू: जिले के हुसैनाबाद स्थित एके सिंह डिग्री कॉलेज और तरहसी के एसएसएमएस डिग्री कॉलेज के एप्लीकेशन को नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी ने रोक दिया है। ग्रेजुएशन के बैच 2026-30 में विज्ञान संकाय में नामांकन के लिए दोनों कॉलेज को एफीलिएशन नहीं दी गई है। एचआरडी डिपार्टमेंट के निर्देशों के अनुसार दोनों कॉलेजों को अपनी कमी को 30 जुलाई तक पूरा कर लेने का निर्देश दिया है।
सात अगस्त से ग्रेजुएशन की 2026-30 के सेशन की शुरुआत हो जाएगी। दोनों कॉलेजों में नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी की टीम ने मार्च के महीने में निरीक्षण किया था। निरीक्षण के क्रम में कई कमियों को पकड़ी गई थी और कॉलेज को इसे दूर करने को कहा गया था। दोनों कॉलेजों में 3000 छात्रों के अनुपात में एक शिक्षक मौजूद थे।
पूरे मामले को लेकर नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को कई बिंदुओं को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया थाकुलपति ने बताया कि दोनों कॉलेजों में निरीक्षण के दौरान कर्मियों को पकड़ी गई थी। जिसके बाद विज्ञान संकाय में एप्लीकेशन नहीं दिया गया है। इस दौरान कुलपति ने कई बिंदुओं पर जानकारी दी और बताया कि यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह को लेकर तैयारी कर रही है।
राजभवन के तरफ से सितंबर महीने में दीक्षांत समारोह करने के लिए निर्देश मिले हैं। यूनिवर्सिटी में एक ही कार्य के लिए दो कंपनियों के भुगतान के मामले में कुलपति ने कहा कि पूरे मामले में 2009 से ऑडिट की जरूरत है। एक कंपनी 2009 से कार्य कर रही है, जबकि दूसरी 2020 से कार्य कर रही है। पाली कंपनी वोकेशनल कोर्स का परीक्षा से संबंधित कार्य करती थी, जबकि दूसरी कंपनी सामान्य कोर्स के लिए कार्य करती।
कुलपति ने कहा कि उनके कार्यकाल की शुरुआत होने के बाद पहली कंपनी को हटा दी गई है। कुलपति ने कहा कि प्राइवेट कॉलेज में मौजूद शिक्षकों का ऑडिट किया जा रहा है। अभी तक सिर्फ महुआडांड़ के संत जेवियर कॉलेज ने ही शिक्षकों से संबंधित पूरे डेटा को उपलब्ध करवाया है।
पलामू से विकाश कश्यप की रिपोर्ट











