रिहायशी इलाकों में घुसा मगरमच्छ, महिला के दोनों पैर को दबोचा, फिर तो...
बड़ी खबर बगहा से आ रहीं है, वीटीआर से जुड़े भापसा नाला में खेत की जा रही एक महिला पर आज फिर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। महिला के दोनों पैर मगरमच्छ के जबड़े में फंस गए, लेकिन गनीमत है की आस पास मौजूद ग्रामीणों की बहादुरी से महिला की जान बच गई है।

बड़ी खबर बगहा से आ रहीं है, जहां गंडक नदी से बाहर निकले मगरमच्छ रिहायशी इलाकों में लोगों को जान माल का नुकसान पहुंचा रहें हैं। बरसात के साथ ही कई क्षेत्रों में मगरमच्छों का आतंक बढ़ता जा रहा है। दरअसल वीटीआर से जुड़े भापसा नाला में खेत की जा रही एक महिला पर आज फिर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। महिला के दोनों पैर मगरमच्छ के जबड़े में फंस गए, लेकिन गनीमत है की आस पास मौजूद ग्रामीणों की बहादुरी से महिला की जान बच गई है।
लिहाजा इस घटना से एक बार फ़िर ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। बताया जा रहा है की वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया-बेलहवा कच्ची सड़क स्थित भापसा नाला की ताज़ा घटना है। जहां रविवार की सुबह पचरुखा सिरिसिया गांव की बरसाती देवी अपने पति और अन्य मजदूरों के साथ खेत में काम करने जा रही थीं। तभी नाला के बीच झाड़ियों में छिपे मगरमच्छ ने अचानक महिला पर हमला बोल दिया और दोनों पैरों को अपने जबड़े में दबोच लिया। हालांकि महिला की चीख पुकार सुनते हीं ग्रामीणों ने लाठी, कुदाल और छाते से मगरमच्छ पर हमला कर दिया।
लोगों के शोर और जवाबी हमले से मगरमच्छ महिला को छोड़कर झाड़ियों में भाग गया। इसके बाद घायल महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर वन विभाग को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर वनक्षेत्र की टीम, डायल-112 पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने घायल महिला को तत्काल बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सा पदाधिकारी पुष्पराज़ द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस सम्बन्ध में मदनपुर वन क्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि भापसा नाला मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायल महिला का इलाज कराया जा रहा है। आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार मुआवजा की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। लोगों से अपील है कि बरसात के मौसम में इस नाले को पार करने से बचें।" बता दें की बरसात के मौसम में वीटीआर से जुड़े नदी-नालों में मगरमच्छों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में मगरमच्छ के हमले में एक ग्रामीण केदार बैठा की जान चली गई थी। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से नदी-नालों को पार करने में पूरी सावधानी बरतने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील किया है। लेकिन "लगातार हो रहे मगरमच्छ के हमलों ने भापसा नाला के आसपास के ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दिया है। लोग अब खेत जाने से पहले भी डर महसूस कर रहे हैं। फिलहाल वन विभाग लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।
सबसे बड़ी बात है की गंडक नदी से पानी के रास्ते मगरमच्छ हरहा नदी, भपसा नाला औऱ डोभ आहर तक पहुंच गए हैं इनमें सीरिसिया, नौरंगिया, सेमरा बोरवल, गोईती, पीपरासी समेत अमहट जैसे इलाके प्रमुख हैं जहाँ हर रोज़ मगरमच्छ देखें जा रहें हैं ऐसे में वन विभाग प्रशासन को इस गंभीर मामले पर कोई ठोस पहल करने की ज़रूरत है ताकि जान माल के नुकसान पर रोक लग सकें ।
बगहा से परवेज आलम की रिपोर्ट











