रफ्तार का कहर, ऑटो पलटने से महिला की मौत, हादसे के बाद NHAI पर भड़के लोग
धनबाद : जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर कालारडीह मोड़ के पास शनिवार की देर शाम तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो के नीचे दबने से एक महिला की मौके पर ही मौत

धनबाद : जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर कालारडीह मोड़ के पास शनिवार की देर शाम तेज रफ्तार ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो के नीचे दबने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने हादसे के लिए NHAI की ट्रैफिक व्यवस्था और निर्माण कार्य में कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
धनबाद के गोविंदपुर स्थित कालारडीह मोड़ पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला। बरवाअड्डा की ओर जा रहा ऑटो जेएच 10 डीजे 8454, अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ऑटो की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो के नीचे दबने से एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही गोविंदपुर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसएनएमएमसीएच भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मृत महिला की पहचान कराने में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मृतका बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के जयनगर स्थित एक मुस्लिम परिवार की बताई जा रही है, हालांकि पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक रूप से पहचान की पुष्टि नहीं की गई है।
इधर हादसे के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा NHAI पर फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि कालारडीह मोड़ के पास एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि यहां सुरक्षित कट या गोलंबर नहीं होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है और अक्सर भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस स्थान पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
धनबाद से नीति की रिपोर्ट










