लाल खून का काला कारोबार, प्रशासन सख्त, निजी ब्लड बैंकों की होगी औचक जांच
धनबाद जिले में निजी ब्लड बैंकों में रक्त के नाम पर अधिक शुल्क वसूले जाने और मानव रक्त के कथित कारोबार के आरोपों के बीच जिला प्रशासन अब सख्त हो गया है।

धनबाद जिले में निजी ब्लड बैंकों में रक्त के नाम पर अधिक शुल्क वसूले जाने और मानव रक्त के कथित कारोबार के आरोपों के बीच जिला प्रशासन अब सख्त हो गया है। रक्तदान कार्यकर्ता, रेड क्रॉस और जिला प्रशासन ने लोगों से सरकारी ब्लड बैंकों में ही रक्तदान करने की अपील की है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने साफ कहा है कि निजी ब्लड बैंकों की औचक जांच होगी और निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
सोशल एक्टिविस्ट गोपाल भट्टाचार्य ने बताया कि धनबाद में कुल 10 ब्लड बैंक हैं, जिनमें दो सरकारी और आठ निजी ब्लड बैंक शामिल हैं। जिले में हर वर्ष करीब 35 हजार यूनिट रक्त की जरूरत होती है। इनमें से अकेले एसएनएमएमसीएच का ब्लड बैंक 21 से 22 हजार यूनिट रक्त उपलब्ध कराता है, जबकि बाकी जरूरत निजी ब्लड बैंकों से पूरी होती है। उनका आरोप है कि अधिकांश सामाजिक संस्थाएं निजी ब्लड बैंकों को रक्त उपलब्ध करा रही हैं, जहां प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर सरकार द्वारा तय शुल्क से कहीं अधिक राशि मरीजों से ली जाती है।
गोपाल भट्टाचार्य ने कहा कि धनबाद में 260 से अधिक पंजीकृत थैलेसीमिया मरीज हैं, जो मुख्य रूप से एसएनएमएमसीएच के ब्लड बैंक पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि यदि रक्तदान शिविर सरकारी ब्लड बैंकों के लिए आयोजित हों तो निजी ब्लड बैंकों पर निर्भरता कम होगी और रक्त के कथित कारोबार पर भी रोक लगेगी। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी विभागों में नियमित रक्तदान जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि रेड क्रॉस हमेशा लोगों को सरकारी ब्लड बैंकों में ही रक्तदान करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई निजी ब्लड बैंक जरूरतमंद मरीजों से चार से पांच हजार रुपये तक वसूलते हैं और थैलेसीमिया मरीजों से भी शुल्क लेने की शिकायतें मिली हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी ब्लड बैंकों में संसाधनों की कमी और शिविरों के दौरान लापरवाही के कारण कई रक्तदाता निजी ब्लड बैंकों का रुख करते हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि अब निजी ब्लड बैंकों का निरीक्षण और औचक जांच कराई जाएगी। निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली या रक्त के बदले अवैध पैसे लेने की शिकायत सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने रेड क्रॉस को निर्देश दिया है कि अधिक से अधिक रक्तदान शिविर सरकारी ब्लड बैंकों के माध्यम से आयोजित कराए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में नए ब्लड बैंक की स्थापना और एसएनएमएमसीएच ब्लड बैंक में नई मशीनें लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
धनबाद में रक्तदान को लेकर अब प्रशासन, रेड क्रॉस और सामाजिक कार्यकर्ता एक सुर में सरकारी ब्लड बैंकों को मजबूत करने की बात कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि रक्त किसी भी हालत में व्यापार का माध्यम नहीं बनना चाहिए और जरूरतमंद मरीजों को तय शुल्क पर ही समय पर रक्त उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता होगी।
धनबाद से नीतीश की रिपोर्ट













