अच्छी खबर: श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज, छपरा में MBBS सीटों की अनुमति
बिहार में मेडिकल शिक्षा को लेकर अच्छी और अहम खबर है। राज्य के समस्तीपुर और सारण में मेडिकल शिक्षा को नई गति मिली है।

पटना: बिहार में मेडिकल शिक्षा को लेकर अच्छी और अहम खबर है। राज्य के समस्तीपुर और सारण में मेडिकल शिक्षा को नई गति मिली है। श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज, छपरा में 50-50 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिल गयी है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा लिए गए निर्णय पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने हर्ष जताया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन सभी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई के लिए आवश्यक शिक्षकों और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
बिहार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, समस्तीपुर तथा राजकीय मेडिकल कॉलेज, छपरा (सारण) में 50-50 एमबीबीएस सीटों के संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड द्वारा दोनों संस्थानों को जारी Letter of Permission (LoP) के माध्यम से यह अनुमति दी गई है। इससे राज्य में मेडिकल शिक्षा के अवसरों का विस्तार होने के साथ-साथ आने वाले वर्षों में बिहार को बड़ी संख्या में प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध होंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, समस्तीपुर और सारण में मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के संचालन से विद्यार्थियों को अपने राज्य और अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प और बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही, मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं, आधुनिक उपचार सुविधाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी। इन दोनों संस्थानों में 50-50 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति बिहार में मेडिकल शिक्षा के विकेंद्रीकरण और क्षेत्रीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण क्षेत्र समस्तीपुर तथा सारण क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का आधार और मजबूत होगा।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बिहार सरकार के अनुरोध को स्वीकार किए जाने पर केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समस्तीपुर और सारण में 50-50 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिलना बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बिहार में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई के लिए आवश्यक शिक्षकों और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मेडिकल कॉलेजों का विस्तार केवल चिकित्सा शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सकों की उपलब्धता और मरीजों को बेहतर उपचार मिलने पर पड़ता है। नए मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ अस्पतालों की क्षमता और चिकित्सा सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य बिहार में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है, जहां लोगों को गुणवत्तापूर्ण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही क्षेत्र में घर के नजदीक उपलब्ध हों। नए मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस सीटों में वृद्धि इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों एवं संबद्ध अस्पतालों में आधारभूत संरचना, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, मानव संसाधन और मरीजों के लिए आवश्यक सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इससे बिहार के युवाओं के लिए चिकित्सा क्षेत्र में शिक्षा और करियर के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। समस्तीपुर और सारण में नए एमबीबीएस बैच के संचालन की अनुमति बिहार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और भविष्य के लिए बेहतर चिकित्सकीय मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।










