शिक्षा विभाग की विशेष पहल, ‘पैरेंट्स ऑफ द मंथ’ से सम्मानित होंगे चुनिंदा अभिभावक
राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में 26 सितम्बर को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों के अभिभावक शामिल होंगे।

पटना: राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में 26 सितम्बर को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों के अभिभावक शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल के बाद इस बार की संगोष्ठी की थीम ‘निपुण पथ : पढ़ना, लिखना और गणना’ रखी गई है।
संगोष्ठी में बच्चों और अभिभावकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की गतिविधियों में विशेष सहयोग देने वाले अभिभावकों को ‘पैरेंट्स ऑफ द मंथ’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चे ‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ’ के रूप में सम्मानित किए जाएंगे।
संगोष्ठी के दौरान बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, पढ़ने-लिखने की क्षमता और गणना कौशल पर विशेष चर्चा होगी। अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई में प्रगति, उनकी जरूरतों और आगे किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक ने बताया कि संगोष्ठी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आयोजन के संबंध में 10 दिन पहले ही पत्र भेजा जा चुका है। संगोष्ठी का आयोजन पहले 22 सितम्बर को होना था। अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर 26 सितम्बर किया गया है।










