घटिया एक्सप्रेसवे बनाने वाली PNC कंपनी उत्तर प्रदेश में बैन, सवालों के घेरे में निर्माण की गुणवत्ता
उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार होते हुए रांची कोलकाता एक्सप्रेसवे बना रही पीएनसी कंपनी घटिया एक्सप्रेसवे निर्माण, कार्य में लापरवाही बरतने एवं खराब निर्माण सामग्रियों के उपयोग के कारण अगले तीन सालों के लिए बैन कर दी गई है।

सासाराम : उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार होते हुए रांची कोलकाता एक्सप्रेसवे बना रही पीएनसी कंपनी घटिया एक्सप्रेसवे निर्माण, कार्य में लापरवाही बरतने एवं खराब निर्माण सामग्रियों के उपयोग के कारण अगले तीन सालों के लिए बैन कर दी गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी को उत्तर प्रदेश में बैन किया है। अब पीएनसी इन्फ्राटेक उत्तर प्रदेश में एनएचएआइ के किसी भी निविदा प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेगी। लेकिन बिहार में अब ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को बना रही इस कंपनी पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में हुई कार्रवाई
दरअसल, पीएनसी कंपनी के खिलाफ उक्त कार्रवाई लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में लापरवाही बरतने पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएनसी कंपनी ने लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग करते हुए गंभीर लापरवाही बरती थी, जिसके कारण कई जगहों पर एक्सप्रेसवे के धंसने की शिकायत मिली और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे।
अन्य परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा असर
हालांकि, पीएनसी कंपनी को एनएचएआइ द्वारा उत्तर प्रदेश में बैन किए जाने के बाद भी कंपनी के अन्य परियोजनाओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। निविदा अनुबंध की शर्तों के अनुसार, पीएनसी कंपनी अपनी अन्य सभी परियोजनाएं बदस्तूर जारी रख सकती है, बशर्ते एनएचएआइ द्वारा जब-तक अलग से कोई फैसला नहीं लिया जाता।
बैन के बाद बिहार में गुणवत्ता पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश में पीएनसी कंपनी के बैन होने के बाद बिहार के सासाराम से होकर गुजरने वाली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण अब सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटिया एक्सप्रेसवे निर्माण के कारण प्रतिबंधित कंपनी द्वारा बिहार में एक्सप्रेसवे निर्माण कराना दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, लोगों ने एनएचएआइ द्वारा एक्सप्रेसवे निर्माण की लगातार मॉनिटरिंग करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि अगर कहीं भी कमियां पाई जाती है, तो तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
सासाराम से दिवाकर तिवारी की रिपोर्ट










