MLC चुनाव की तैयारियों को लेकर सहरसा पहुंचे प्रशांत किशोर, सम्राट चौधरी के बयान पर PK का पलटवार
आगामी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की तैयारियों को लेकर जन सुराज के सूत्रधार एवं बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर शनिवार को सहरसा पहुंचे। बैठक में आगामी एमएलसी चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशी के चयन, चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चा हुई।

सहरसा। आगामी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की तैयारियों को लेकर जन सुराज के सूत्रधार एवं बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर शनिवार को सहरसा पहुंचे। जिला परिषद प्रांगण स्थित पूजा बैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और खगड़िया जिले के पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष कुमार अमृत राज ने की।
बैठक में आगामी एमएलसी चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशी के चयन, चुनावी तैयारियों तथा अभियान की रणनीति को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से की जा रही है। जन सुराज से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं एवं राय का सम्मान करते हुए ऐसा प्रत्याशी चुनने का प्रयास किया जा रहा है, जो चुनाव जीतने के बाद बिहार की बेहतरी, बदलाव, बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए काम कर सके।
सम्राट चौधरी के बयान पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘बेचारे’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को किसी ने ‘बेचारा’ शब्द का शाब्दिक अर्थ नहीं समझाया है। उन्होंने कहा कि बेचारा वह है, जिसके पास कोई चारा नहीं है। बिहार को सुधारने के संकल्प के सामने उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है और वे बिहार को सम्राट चौधरी जैसे लोगों के हाथ में छोड़कर नहीं जा सकते। इसी नजरिए से वे खुद को ‘बेचारा’ मानते हैं।
बाढ़ को लेकर सरकार पर हमला
प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र के लोग बाढ़ के दर्द को लंबे समय से झेल रहे हैं। यह समस्या करीब 80 वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 20 वर्षों से केंद्र और राज्य में सत्ता में रहने के बावजूद बिहार को बाढ़ के अभिशाप से कब राहत मिलेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बाढ़ राहत और उससे जुड़े कार्यों में भ्रष्टाचार की वजह से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार बांध निर्माण से लेकर बांध टूटने और बाढ़ राहत कार्यों तक में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि बाढ़ की समस्या स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी तो सत्ता में बैठे लोगों की कमाई के कई रास्ते बंद हो जाएंगे।
जल संसाधन विभाग को लेकर भी उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने गठबंधन सरकारों में विभागों के बंटवारे को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग ऐसा विभाग है, जिसे सत्ताधारी दल आसानी से छोड़ना नहीं चाहता। उन्होंने नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में कई विभागों का बंटवारा हुआ, लेकिन जल संसाधन विभाग अक्सर उनके पास रहा। उन्होंने इसे कमाई का आसान जरिया बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
बैठक में प्रदेश महासचिव नवल किशोर सिंह, ओबीसी विंग के प्रदेश अध्यक्ष ललन कुमार यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, प्रदेश अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के वरिष्ठ नेता सरवर अली, प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष कुशवाह, जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार यादव, सुपौल जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, मधेपुरा जिलाध्यक्ष गजेंद्र यादव, खगड़िया जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह निषाद, विमलकांत झा, बीरबल झा, डॉ. रजनीश रंजन, डॉ. विमला कुमारी, किशोर कुमार सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट










