कथक की थाप से सहरसा की बेटी सुषमा ने बढ़ाया जिले का मान, अब दूरदर्शन के मंच पर दिखेगा हुनर
सहरसा। जिले के कहरा प्रखंड अंतर्गत पड़री गांव की बेटी सुषमा कुमारी ने अपनी प्रतिभा के दम पर सहरसा का नाम रोशन किया है। सुषमा को पटना स्थित प्रसार भारती दूरदर्शन केंद्र, पटना के कार्यक्रम में कथक की प्रस्तुति देने का अवसर मिला है।

सहरसा। जिले के कहरा प्रखंड अंतर्गत पड़री गांव की बेटी सुषमा कुमारी ने अपनी प्रतिभा के दम पर सहरसा का नाम रोशन किया है। सुषमा को पटना स्थित प्रसार भारती दूरदर्शन केंद्र, पटना के कार्यक्रम में कथक की प्रस्तुति देने का अवसर मिला है। दूरदर्शन केंद्र द्वारा सुषमा को बी ग्रेड प्रदान किया गया है। इसका प्रमाण पत्र 24 अगस्त 2026 को जारी किया गया है।
सुषमा सर्व नारायण सिंह राम कुमार सिंह कॉलेज, सहरसा की छात्रा हैं तथा सहरसा के स्वरांजलि संस्थान में कथक की शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। वे कथक के साथ-साथ गायन एवं तबला की भी शिक्षा प्रो. गौतम सिंह एवं प्रो. भारती सिंह के मार्गदर्शन में ले रही हैं।
सुषमा इससे पूर्व भी कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। कोलकाता स्थित सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में उन्होंने कथक की प्रस्तुति दी। इसके अलावा फकीर मोहन यूनिवर्सिटी, ओडिशा में आयोजित कार्यक्रम तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार द्वारा पटना में आयोजित शुक्रगुलजार एवं शनिवाहार कार्यक्रम में भी उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी है।
सुषमा ने कई बार राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में सहरसा जिले का प्रतिनिधित्व कर पुरस्कार प्राप्त किया है। अपने कथक एवं गायन की प्रस्तुतियों से उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय मंचों और सांस्कृतिक महोत्सवों में दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। सुषमा मोहन कुमार खां एवं वंदना देवी की पुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर उनके गुरु प्रो. गौतम सिंह एवं प्रो. भारती सिंह ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
वहीं पड़री गांव के बुजुर्गों एवं गणमान्य लोगों ने भी सुषमा को आशीर्वाद देते हुए कला के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की कामना की। सुषमा को दूरदर्शन पर प्रस्तुति का अवसर मिलने से उनके गांव पड़री सहित पूरे सहरसा जिले में हर्ष का माहौल है। लोगों ने इसे जिले की सांस्कृतिक प्रतिभा के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट










