नीति आयोग का आकांक्षी जिला कार्यक्रम, पूर्णिया ने रचा इतिहास, देश में आया पहला स्थान
नीति आयोग द्वारा जारी आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme - ADP) की जनवरी-मार्च 2026 तिमाही डेल्टा रैंकिंग में बिहार ने एक बार फिर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विकास क्षमता का परिचय दिया है। पूर्णिया जिला देश के 112 आकांक्षी जिलों में समग्र प्रदर्शन में प्रथम स्थान पर रहा है। इसके साथ ही कृषि एवं जल संसाधन विषयगत श्रेणी में भी पूर्णिया ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं बेगूसराय ने शिक्षा विषय में देशभर में द्वितीय स्थान हासिल कर बिहार के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार में सुशासन, परिणाम आधारित योजना निर्माण, डेटा-आधारित मॉनिटरिंग तथा विभागों के बीच प्रभावी समन्वय की सफलता का प्रमाण है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार द्वारा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनाई गई रणनीति का लाभ जमीनी स्तर तक पहुँच रहा है।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2018 में नीति आयोग द्वारा "Champions of Change" की अवधारणा के साथ की गई थी। इसका उद्देश्य देश के अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तीव्र एवं सतत सुधार सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिलों का मूल्यांकन केवल वर्तमान स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि नियत अवधि में हुए सुधार के आधार पर किया जाता है, जिससे प्रत्येक जिला निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होता है। बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग, राज्य में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतर-विभागीय समन्वय, नियमित समीक्षा, डेटा विश्लेषण तथा प्रदर्शन आधारित मॉनिटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग द्वारा जिलों के प्रमुख विकास संकेतकों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो रही हैं।
पूर्णिया द्वारा प्राप्त राष्ट्रीय प्रथम स्थान इस बात का प्रमाण है कि जिले में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग, किसानों तक योजनाओं की पहुँच तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसी प्रकार बेगूसराय ने विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अधिगम परिणाम तथा शिक्षा से जुड़े अन्य प्रमुख संकेतकों में निरंतर सुधार कर राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। बिहार सरकार ने हाल के वर्षों में विकास योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग, डिजिटल डैशबोर्ड, नियमित समीक्षा बैठकों, जिला प्रशासन की क्षमता वृद्धि तथा परिणाम आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। इसी कारण राज्य के विभिन्न जिलों में विकास के प्रमुख संकेतकों में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है।
योजना एवं विकास विभाग का मानना है कि यह उपलब्धि "विकसित बिहार 2047" के लक्ष्य की दिशा में राज्य की बढ़ती प्रगति का महत्वपूर्ण संकेत है। विभाग आगामी तिमाहियों में भी आकांक्षी जिलों के साथ-साथ आकांक्षी प्रखंडों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर तकनीकी सहयोग, समीक्षा एवं निगरानी को और सुदृढ़ करेगा। राज्य सरकार ने पूर्णिया एवं बेगूसराय के जिला प्रशासन तथा इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि बिहार के अन्य जिले भी इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेंगे।
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