1 करोड़ परिवार बनेंगे उद्यमी, सम्राट कैबिनेट ने 43 एजेंडों पर लगाई मुहर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। विभिन्न विभागों से जुड़े 43 एजेंडों पर सरकार ने मुहर लगाई है। बैठक में डिप्टी सीएम समेत तमाम विभागों के मंत्री मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। विभिन्न विभागों से जुड़े 43 एजेंडों पर सरकार ने मुहर लगाई है। बैठक में डिप्टी सीएम समेत तमाम विभागों के मंत्री मौजूद रहे। नई एमएसएमई नीति के तहत एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने, बिजली सुधार के लिए 11,096 करोड़ और तीन नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में नई एमएसएमई नीति, बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 11,096.55 करोड़ रुपये की योजना और तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी। राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 1802 मेगावाट से बढ़कर 9475 मेगावाट तक पहुंच गई है। बिजली व्यवस्था को अगले तीन वर्षों में सुदृढ़ करने के लिए 11,096.55 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इसमें नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 6,066 करोड़ रुपये और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 5,030.55 करोड़ रुपये मिलेंगे। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक अपराध इकाई पटना के विस्तार एवं क्षमता वर्धन के लिए क्षेत्रीय आर्थिक अपराध इकाई में 143 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। वहीं अपराध पर रोकथाम के मद्देनजर मोतिहारी, पूर्णिया एवं सारण जिला में नगर पुलिस अधीक्षक (स्टाफ ऑफिसर कोटि) के तीन पदों के सृजन, कार्यालय संचालन के लिए विभिन्न कोटि के कुल 12 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।
बिहार में ‘एक करोड़ उद्यमी परिवार’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम
बिहार में ‘एक करोड़ उद्यमी परिवार’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर नई एमएसएमई नीति को मंजूरी मिली है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य में एक करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। बिहार के सभी 38 जिलों में एमएसएमई केंद्र और प्रत्येक जिले में एक औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने की योजना है। उद्यमियों को आसान वित्त, बाजार, तकनीकी कौशल और प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी, जिससे बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री का रास्ता साफ
चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगा प्रतिबंध हटेगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने प्रतिबंध हटाने की स्वीकृति प्रदान की। टाउनशिप की विकास योजना अधिसूचित होने के बाद भवन निर्माण और भूमि विकास का रास्ता साफ होगा। निर्धारित भूमि उपयोग और लागू DCR के अनुरूप ही निर्माण एवं विकास कार्य किए जा सकेंगे।
बिहार में तीन नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी
बिहार में विश्वामित्र पथ, गंगा अंबिका पथ और नारायणी पथ के निर्माण का रास्ता साफ हो गया। तीनों सड़क परियोजनाओं के लिए ₹371 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। विश्वामित्र पथ की लंबाई 90 किलोमीटर, गंगा अंबिका पथ की 56 किलोमीटर होगी। नारायणी पथ के तहत गोपालगंज के दुबौली घाट से संबंधित 73.51 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। बीएसआरडीसीएल के माध्यम से पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण, सड़कों के बनने से आवागमन में बड़ी सहूलियत मिलेगी।













