एक सड़क, दो शिलान्यास और श्रेय की सियासत, बिहटा में विधायक भाई वीरेंद्र और नगर परिषद अध्यक्ष आमने-सामने
राजधानी से सटे बिहटा में एक सड़क और नाला निर्माण योजना के दो-दो बार शिलान्यास को लेकर सियासत गरमा गई है।

पटना: राजधानी से सटे बिहटा में एक सड़क और नाला निर्माण योजना के दो-दो बार शिलान्यास को लेकर सियासत गरमा गई है। दरअसल गुलटेरा बाजार से बाबा बटेश्वर नाथ मंदिर मेन रोड तक बनने वाली सड़क और नाला योजना का पहले नगर परिषद अध्यक्ष प्रियंका कुमारी ने शिलान्यास किया, वहीं अब स्थानीय राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने भी इसी योजना का शिलान्यास कर दिया। एक ही योजना के दो बार शिलान्यास से अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विकास कार्य का श्रेय किसे मिलेगा? बिहटा नगर परिषद के वार्ड नंबर-14 स्थित गुलटेरा बाजार की मुख्य सड़क लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। सड़क पर जलजमाव और नाले का पानी बहने की समस्या को देखते हुए सड़क और नाला निर्माण की योजना स्वीकृत की गई।
नगर परिषद अध्यक्ष प्रियंका कुमारी का दावा है कि उन्होंने पदभार संभालने के बाद इस सड़क को प्राथमिकता दी और सरकार से प्रयास कर योजना के लिए राशि स्वीकृत कराई। करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाली योजना का 28 अगस्त को उनके द्वारा शिलान्यास किए जाने की बात कही गई। वहीं, सोमवार को मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने गुलटेरा बाजार पहुंचकर मुख्यमंत्री समग्र योजना के तहत करीब एक करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से सड़क और नाला निर्माण का शिलान्यास किया। विधायक ने कहा कि यह योजना उनकी अनुशंसा पर स्वीकृत हुई है और इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए इसे प्राथमिकता दी गई है।
विधायक ने संवेदक को सड़क और नाला निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के दौरे के दौरान लोगों ने समस्या बताई थी, जिसके बाद उन्होंने योजना की अनुशंसा की।इधर, नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा पहले ही शिलान्यास किए जाने के बाद विधायक के दोबारा शिलान्यास करने से विवाद खड़ा हो गया है। अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब योजना का शिलान्यास पहले ही हो चुका था तो दोबारा शिलान्यास की जरूरत क्यों पड़ी? वहीं विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह उनकी अनुशंसित योजना है और विकास कार्य कराना उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि कौन क्या कहता है, इसका जवाब देने के लिए वह राजनीति में नहीं आए हैं। फिलहाल एक ही सड़क और नाला योजना के दो बार शिलान्यास ने ‘काम किसका और श्रेय किसका’ की बहस को जन्म दे दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग इस योजना को लेकर आधिकारिक स्थिति कब स्पष्ट करता है।
बिहटा से मयंक की रिपोर्ट










