उपचुनाव में किसी के जीत से ज्यादा महत्व भाजपा की हार है: राजद
राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि जीत किसकी हुई है वह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना महत्वपूर्ण इस सीट पर भाजपा की करारी हार है।

राजधानी की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि जीत किसकी हुई है वह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना महत्वपूर्ण इस सीट पर भाजपा की करारी हार है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि आम चुनाव या अन्य उपचुनावों से इतर बांकीपुर विधानसभा का उपचुनाव काफी अलग है। यह विधानसभा क्षेत्र भाजपा के लिए बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। साथ हीं यहां से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार भारी मतों के अंतर से जीतते रहे हैं। इस उपचुनाव में भाजपा ने अपनी सारी ताकत लगा रखी थी। उसके द्वारा अपने 40 स्टार प्रचारकों, केन्द्रीय मंत्रियों, बिहार सरकार के सभी मंत्रियों, एनडीए के लगभग 100 सांसदों, बिहार विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्यों के अलावा बिहार एवं अन्य राज्यों से बुलाए गए हजारों कार्यकर्ताओं को इस क्षेत्र में उतार दिया गया था। इसके बावजूद उसे मिली करारी हार ने यह साबित कर दिया है कि केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार के खिलाफ जनता में जबरदस्त आक्रोश है। दिल्ली, पटना सहित देश के अन्य हिस्सों में पिछले दिनों छात्र-नौजवानों का जो आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया था उसी का प्रतिबिम्ब बांकीपुर और दतिया ( मध्य प्रदेश) के इस उपचुनाव में दिखाई दिया है।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि इस चुनाव में राजद को अपेक्षित वोट भले हीं नहीं मिली हो पर राजद एवं इसके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव द्वारा जो मुद्दे उठाए जाते रहे हैं, मतदाताओं ने उसका समर्थन करते हुए भाजपा को उसका हैसियत बता दिया है। इसका आभास भाजपा को भी हो गया था इसीलिए एक योजना के तहत राजद और तेजस्वी यादव को टारगेटेड कर प्रशांत किशोर को प्रोजेक्ट किया गया था पर मतदाताओं ने भाजपा के चाल को समझते हुए भाजपा विरोधी वोट का बिखराव नहीं होने दिया और भाजपा के अहंकार को तोड़ने का काम किया है। इसलिए अपेक्षित वोट न लाकर भी राजद के लिए यह बहुत बड़ी जीत है। राजद कार्यकर्ता और समर्थक भाजपा के इस चाल को भली-भांति समझ रही है, वे न हतोत्साहित हैं और न निराश हैं बल्कि दोगुनी उर्जा और उत्साह के साथ अपने नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में केन्द्र और राज्य की एनडीए सरकार के गलत नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखते हुए जनता-जनार्दन के सहयोग और समर्थन से भाजपा को सत्ता से बाहर करने और जनभावनाओं के अनुरूप एक बेहतर विकल्प देने में कामयाबी हासिल करेगी।













