बिहटा ईएसआईसी अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल, मरीज ने इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
पटना जिले के बिहटा स्थित करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ईएसआईसी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मरीज ने डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों पर लापरवाही एवं दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है।

बिहटा (पटना): पटना जिले के बिहटा स्थित करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ईएसआईसी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां इलाज कराने के लिए बिहार के हर जिले से मरीज आते है। वहीं अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे किशुनपुर गांव निवासी राजेश कुमार पांडे ने डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों पर लापरवाही एवं दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है।
राजेश कुमार पांडे के अनुसार, गुरुवार देर रात जब वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने शुरुआत में उनका इलाज करने से मना कर दिया। काफी अनुरोध के बाद उनका इलाज किया गया। इसके बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, जहां बेड पर बिछाने के लिए चादर, तकिया और ठंड में ओढ़ने के लिए कंबल तक उपलब्ध नहीं था।
इसकी शिकायत करने पर मरीज और उनके परिजनों के साथ नर्सिंग स्टाफ एवं डॉक्टरों द्वारा कथित तौर पर गलत व्यवहार किया गया। इससे नाराज मरीज के परिजनों ने अस्पताल में वीडियो बनाकर अपनी परेशानी सामने रखी।
वायरल वीडियो में अस्पताल के फर्श पर पानी और गंदगी, इधर-उधर रखी खाने की प्लेटें तथा शौचालय की बदहाल स्थिति दिखाई दे रही है। मरीजों का आरोप है कि शौचालय में हैंडवॉश तक की व्यवस्था नहीं है। जिससे बीमारी आने का और खतरा है। हाला की वायरल वीडियो की पुष्टि हमारी चैनल नहीं करती है।
वहीं, मरीजों के साथ आने वाले अटेंडेंट के बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है। उन्हें घंटों खड़े रहने या फर्श पर बैठने को मजबूर होना पड़ता है। अब सवाल यह उठता है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बने इस अस्पताल में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं कब मिलेंगी। वहीं इस मामले पर हमारे रिपोर्टर ने अस्पताल प्रशासन से बात करने की कोशिश की, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
बिहटा से मयंक सिंह की रिपोर्ट













